Published : Aug 14, 2020, 02:02 PM ISTUpdated : Aug 14, 2020, 02:04 PM IST
नई दिल्ली. हैदराबाद की जेनरिक फार्मा कंपनी एमएसएन ग्रुप ने कोरोना की सबसे सस्ती दावा फेविलो लॉन्च की है। इसमें फेविपिराविर ड्रग का डोज है। 200 एमजी फेविपिराविर की एक टेबलेट 33 रुपए की होगी। इससे कोरोना के हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जा सकेगा। इससे पहले बाजार में कोरोना की सबसे सस्ती दवा फेबिफ्लू 65 रुपये प्रति टेबलेट थी।
फेविलो का डोज क्या है
कंपनी ने फेविलो का वही डोज तय किया है जो फेबिफ्लू का है। मरीज को 14 दिन में 122 टेबलेट लेनी है। पहले दिन 18 टेबलेट, इसके बाद प्रतिदिन आठ टेबलेट खानी होती है। फिजिशियन डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि हल्के लक्षण में यह दवा काफी कारगर है।
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अभी तक कोरोना की कितनी दवा
कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में दवा और वैक्सीन पर रिसर्च जारी है। इस बीच कई दवा कंपिनयों ने अलग-अलग नामों से दवाएं भी लॉन्च की हैं। इन दवाओं में फेबिफ्लू, फेविलो, आईवर मेक्टिन सहित रेमडेसिवीर इंजेक्शन शामिल हैं। यह दवा कम लक्षण वाले मरीजों की दी जा सकती हैं।
एमएसए ग्रुप के एमडी का दावा है कि फेविलो कोरोना की सबसे प्रभावी दवा है। इस दवा को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दे दी है।
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भारत में कोरोना वायरस के शुक्रवार को 64,553 नए केस सामने आए। कुल संक्रमित व्यक्तियों की संख्या 24 लाख के पार पहुंच गई।
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देश में 17 लाख से अधिक लोग स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 17,51,555 लोग संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं और लोगों के ठीक होने की दर 71.17 प्रतिशत हो गई है।
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