कोलकाता. कोलकाता पुलिस जल्द ही बेल्जियन मालिनोइज ब्रीड के 'खोजी' कुत्ते शामिल करने जा रही है। यह उसी ब्रीड का कुत्ता है, जिसने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन को खोजा था। इन्हीं कुत्तों ने आतंकी तक पहुंचने में अमेरिका की नेवी सेल की मदद की थी। इस कुत्ते का बेल्जियन मालिनोइज नाम इसलिए पड़ा, क्यों कि इस ब्रीड का पहला कुत्ता बेल्जियम के मैलीनोज शहर में पाया गया था।
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, जल्द ही इन कुत्तों को शहर की सुरक्षा के लिए शामिल किया जाएगा। इन खोजी कुत्तों को औपचारिक रूप से कोलकाता पुलिस में शामिल किया जाएगा। बताया जाता है कि इन कुत्तों की देखभाल पर करीब हर महीने 8-10 हजार रुपए खर्च होते हैं।
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इससे पहले इन कुत्तों को मध्यप्रदेश में भी शामिल किया गया था। भारत में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और बीएसएफ भी इन कुत्तों का इस्तेमाल करती है।
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बीएसएफ बॉर्डर पर जबकि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने पिछले साल दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा के लिए इन कुत्तों को खरीदा था। इसके बाद इन्हें बेंगलुरु स्थित डॉग ट्रेनिंग सेंट्रर में 10 महीने के लिए ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था।
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ये कुत्ते एयरपोर्ट और स्टेशनों पर भी फिदायीन हमले नाकाम करने के लिए काफी अहम माने जाते हैं। जानकारों के मुताबिक, 1 कुत्ते को खरीदने और ट्रेनिंग में करीब 1 लाख रुपए का खर्च आता है। भारत में इस्तेमाल होने वाले डॉग स्क्वायड में यह सबसे महंगा सदस्य है।
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बेल्जियन मालिनोइज ब्रीड के कुत्ते 2011 में पहली बार चर्चा में आए थे। उस वक्त इन कुत्तों की मदद से दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी को खोज कर खत्म किया गया था। पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा-बिन-लादेन को ढूंढने में इन कुत्तों ने ही अमेरिकी नेवी सील की मदद की थी।
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अमेरिकी के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा जब भारत के पहले दौरे पर आए थे, तो ये कुत्ते उनकी विशेष टीम का हिस्सा थे। इन्होंने जांच में अहम भूमिका निभाई थी।
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