उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुई बर्बरता देख रो पड़ीं पर्वतारोही अरुणिमा, 5 Photos में देखें उनका दर्द

Published : Dec 07, 2019, 06:16 PM ISTUpdated : Dec 07, 2019, 06:52 PM IST

लखनऊ. उन्नाव में 23 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म और बाद में उसे जलाने की हुई बर्बरता ने लोगों का दिल दहला दिया है। बीते गुरुवार यानी 5 दिसंबर की सुबह बेखौफ दरिंदों ने पीड़िता पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पीड़िता को लखनऊ के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। जहां से देर शाम उसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन शुक्रवार की देर रात पीड़िता ने दम तोड़ दिया। इन सब के बीच पद्मश्री पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा इस घटनाक्रम पर भावुक हो गई। साथ ही उन्होंने दरिंदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

PREV
15
उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुई बर्बरता देख रो पड़ीं पर्वतारोही अरुणिमा, 5 Photos में देखें उनका दर्द
लखनऊ सिविल अस्पताल में पीड़िता का हालचाल लेने के लिए अलग-अलग पार्टियों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और कई बड़ी हस्तियां पहुंची। उन सभी ने दरिंदों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। पर्वतारोही पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा भी पीड़िता को देखने अस्पताल पहुंचीं। यह तस्वीरें 5 दिसंबर की है। पीड़िता की मौत होने के बाद सिन्हा की यह तस्वीरे एक बार फिर वायरल हो रहीं है।
25
यह वारदात उस समय हुई जब पीड़िता केस के सिलसिले में रायबरेली कोर्ट जा रही थी। वारदात में पीड़िता से दुष्कर्म के दो आरोपी भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी शिवम त्रिवेदी 30 नवंबर को ही जेल से बाहर आया था। बताया जा रहा कि पीड़िता द्वारा मजिस्ट्रेट को दिए बयान के आधार पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
35
उन्नाव की पीड़िता की स्थिति को देखने के बाद अरुणिमा ने बयान दिया कि देश को परिवार की तरह ऐसे लोगों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है। प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। इस पर कठोर कार्रवाई करके आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
45
अरुणिमा सिन्हा विश्व की सात महाद्वीपों की चोटी पर तिरंगा फहराने वाली एकमात्र दिव्यांग पर्वतारोही हैं।
55
उन्नाव रेप पीड़िता की खबर के बीच अरुणिमा सिन्हा की कहानी भी जानना जरूरी है। 11 अप्रैल 2011 की रात अरुणिमा के साथ दर्दनाक हादसा हुआ। यह पद्मावत एक्सप्रेस से लखनऊ से दिल्ली जा रही थीं। रात के करीब एक बजे कुछ युवक ट्रेन में चढ़े और उनका चेन छीनने की कोशिश की। अरुणिमा ने इसका विरोध किया, जिस कारण बदमाशों ने बरेली के नजदीक उन्हें ट्रेन से नीचे फेंक दिया। 7 घंटे ट्रैक पर पड़ी रहीं अरुणिमा के ऊपर से उस दौरान 49 ट्रेन गुजरती गईं। बायां पैर शरीर से अलग हो चुका था। शरीर बेजान था। आंखों के सामने चूहे पैर कुतर रहे थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आज वो एक सफल पर्वतारोही हैं।

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories