Published : Nov 02, 2019, 10:43 PM ISTUpdated : Nov 03, 2019, 12:07 PM IST
नई दिल्ली. छठ का विशेष तौर पर बिहार में मनाया जाता है, पर समय के साथ यह त्योहार देश के सभी हिस्सों में मनाया जाने लगा है। पूरे देश में बिहार के कई लोग मौजूद हैं जो वहां छठ का त्योहार मनाते हैं। भारत के साथ-साथ भारत के बाहर भी कुछ देशों में छठ का त्योहार मनाया जाने लगा है। देशभर में छठ के पर्व पर व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। सभी व्रती नदी में खड़े ङोकर सूर्य को जल चढ़ा रहे थे। इसी दौरान कुछ विदेशी पर्यटक भी वहां पहुंच गए। सभी पर्यटक लोगों की आस्था देखकर चौक गए।
शनिवार को सभी छठ व्रती अपने परिवार के साथ घाट पर पहुंचे। इस दौरान महिलाएं छठ गीत गा रही थी। शाम होने पर व्रती नदी में उतरे और ढूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। अब कल सुबह फिर से उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
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शनिवार की शाम व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। यह पहला अर्घ्य था। रविवार की सुबह उगते हुए सूर्य को दूसरा अर्घ्य दिया जाएगा। इसके साथ ही व्रती अपना 36 घंटे का व्रत खोलेंगे और 4 दिन के छठपर्व का समापन होगा।
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पानी में नहाने के बाद व्रतियों ने भगवान सूर्य को नमन किया और फिर ठिकुए,फल आदि प्रसाद से भरे सूप से भगवान को अर्घ्य दिया गया। इस दैरान गाटों पर जमकर भीड़ देखी गई।
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सूर्य को अर्घ्य देते हुए लोगों को जब रूस के पर्यटकों ने देखा तो वे आश्चर्यचकित रह गए। भारतीय लोगों की श्रद्धा देखकर सभी पर्यटकों ने अलग-अलग प्रतिक्रयाएं दी।
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छठ के त्योहार को देखते हुए सरकार ने सभी घाटोों पर चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। सभी घाटों पर जमकर लोग इकट्टा हुए और सूर्य को अर्ध्य दिया। इनमें से कुछ लोग रातभर घाट में ही रुकेंगे, जबकि बाकी लोग अपने घर चले गए और सुबह घर से आकर उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे।
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