10 साल पहले भूकंप के बाद बंद हो गई थी 100 साल पुरानी घड़ी, फिर अचानक चल पड़ी तो लोग हो गए शॉक्ड

Published : Apr 22, 2021, 03:59 PM IST

जापान से अक्सर भूकंप की खबरें आती रहती हैं। यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसके कारण लोगों को काफी नुकसान भी उठाने पड़ते हैं। इसी बीच एक बड़ा ही दिलचस्प मामला सामने आया है। जहां सौ साल पुरानी बंद पड़ी घड़ी अचानक से चालू हो गई। वो तब जब एक भूकंप आया। ऐसे में आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में...

PREV
17
10 साल पहले भूकंप के बाद बंद हो गई थी 100 साल पुरानी घड़ी, फिर अचानक चल पड़ी तो लोग हो गए शॉक्ड

बंद पड़ी घड़ी का अचानक से चालू होने वाला मामला जापान के यमामोटो का है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट्स की मानें तो यहां एक बौद्ध मठ में 100 साल पुरानी बड़ी घड़ी लगी हुई थी, और वो करीब 10 साल पहले भूकंप में ये बंद हो गई थी।

27

फिर अचानक ऐसी घटना घटी, जिससे सब हैरान रह गए। हाल ही में फरवरी 2021 में दोबारा भूकंप आने पर घड़ी अपने आप ठीक हो गई। ये घड़ी ठीक उसी तरह से चलने लगी जैसे पहले चलती थी।

37

हालांकि, घड़ी के अचानक से चलने के लेकर बताया जा रहा है कि इसमें कोई तकनीकी कारण हो सकता है। क्योंकि संभावना जताई जा रही है कि घड़ी के अंदर जमी धूल भूकंप की वजह से हट गई हो और फिर से चलने लगी।

47

रिपोर्ट्स की मानें तो इस बात का भी जिक्र किया गया है कि इस घड़ी के निर्माता कंपनी के एक प्रतिनिधि भी वहां पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि 2011 में आई आपदा के बाद घड़ी ने काम करना बंद कर दिया था। भूकंप के बाद आई सुनामी की लहरों का पानी मठ के भीतर घुस गया था।

57

उस घटना में सिर्फ मठ के खंभे और छत ही बच पाई थी। यह घड़ी एक खंभे पर लगी थी, जिसकी वजह से बच गई थी। इसके बाद 2021 में आए भूकंप के झटके के बाद ये एक बार फिर से पहले की ही तरह काम करने लगी। 

67

वहीं, मठ के आसपास रह रहे लोगों के मुताबिक, घड़ी के ठीक होने से सब काफी खुश हैं। ये भी बताया गया कि मठ प्रमुख ने उस समय हालात सुधरने पर घड़ी ढूंढ निकाली थी।  

77

मठ के प्रमुख ने उस घड़ी को ठीक करने की काफी कोशिश की थी, लेकिन वो उसे ठीक नहीं कर पाए थे। ऐसे में उन्होंने उस घड़ी को ऐसे ही लगाकर छोड़ दिया था। फिलहाल अब ये फिर से चलने लगी है। 

वायरल न्यूज(Viral News Updates): Read latest trending news in India and across the world. Get updated with Viral news in Hindi at Asianet Hindi News

Recommended Stories