नई दिल्ली। डेटिंग ऐप ग्लीडेन ने हाल ही में शादीशुदा महिलाओं और पुरुषों के विवाहेतर संबंधों तथा महिलाएं अवैध संबंध क्यों बनाती हैं, इस पर एक सर्वेक्षण किया। डेटिंग ऐप की तरफ से इसके जरिए उन कारणों का विश्लेषण करने की कोशिश की गई है, जिससे भारत में विवाहित महिलाएं अपने पतियों को धोखा क्यों देती हैं, इसका पता लगाया जा सके। इस शोध के चौंकाने वाले निष्कर्ष सामने आए हैं। इनके कई सवालों में से एक का जो जवाब आया, वह बेहद चौंकाने वाला है। इसमें दावा किया गया है कि देश में 10 में से सात महिलाएं अपने पति को धोखा देती हैं, क्योंकि वे घर के कामों में योगदान नहीं देते हैं। आइए सर्वे रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों पर एक नजर डालते हैं।
सिर्फ भारत में इस डेटिंग ऐप ग्लीडेन के पांच लाख से अधिक ग्राहक हैं। वहीं, दुनियाभर में करीब पांच मिलियन यानी पचास लाख से अधिक इसके यूजर्स हैं। इस पर ज्यादातर विवाहित लोग जुड़े हैं।
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सर्वे रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों पर गौर करें तो देश में 10 में से सात महिलाएं विवाहेतर संबंध में शामिल हैं। यानी शादी के बाद पति के अलावा अन्य पुरूष से भी उनके संबंध हैं। उनका कहना है कि शादी नीरस हो गई है, इसलिए दूसरे से संबंध बनाया।
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दिलचस्प बात यह है कि इस शोध से पता चला है कि मुंबई, दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगरीय शहरों में सबसे अधिक महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने पति को धोखा दिया।
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ऐसी महिलाओं का कहना है कि उनके पति घर के कामों में मदद नहीं करते हैं, जिससे वे उनसे ऊब गई हैं या किसी और वजह से अपने पतियों से तंग आ चुकी हैं।
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यह डेटिंग ऐप वर्ष 2017 में भारत में आया था। इस कंपनी के प्रबंधन के दावों के अनुसार, करीब 30 प्रतिशत यूजर्स महिलाओं की उम्र 34-49 वर्ष के बीच है। इस आयु वर्ग की महिलाएं ही ज्यादातर विवाहेतर संबंध में शामिल हैं।
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वहीं, लगभग 77 प्रतिशत विवाहित महिलाओं ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने साथी को धोखा दिया, क्योंकि उनकी शादी नीरस हो गई थी और विवाहेतर संबंध होने से उन्हें अपने जीवन में मसाला जोड़ने में मदद मिली।
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बहरहाल, कुल पांच लाख यूजर्स में से 20 फीसदी पुरुषों और 13 फीसदी महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे अपने पार्टनर को धोखा दे रहे हैं। वहीं, लगभग 48 प्रतिशत भारतीय महिलाएं विवाहेतर संबंध में शामिल हैं।
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महिलाओं का दावा है कि उन्होंने विवाहेतर संबंध बनाने का फैसला किया। उन्होंने डेटिंग ऐप पर किसी नए व्यक्ति से मिलना पसंद किया, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म सुरक्षा और गोपनीयता प्रदान करता है।
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शोध में समलैंगिक लोगों की बढ़ती संख्या के बारे में भी बात की गई है। इन्हें पारंपरिक विवाह के लिए परिजनों ने मजबूर किया था और अब वे ऐप पर अपने समान-सेक्स वाले पार्टनर ढूंढ रहे हैं। इसमें लेस्बियन और गे दोनों शामिल हैं।
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विशेषज्ञों की मानें तो सर्वेक्षण में आए आंकड़े हैरान करने वाले हैं। भारत में यह अभी सिर्फ पांच लाख लोगों पर किए गए सर्वे पर आधारित है, जबकि देश की आबादी 133 करोड़ से भी अधिक है। बहुत सी महिलाएं इस डेटिंग ऐप पर नहीं हैं।
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