महामारी में कोरोना पर कई रिसर्च की गईं और कईयों पर काम जारी है। इस बीच ब्रिटेन सरकार के कुछ मंत्रियों ने निजी तौर पर चिंता जाहिर की है कि फार्ट (गैस छोड़ने) करने से भी कोरोना फैल सकता है। ये दावा वहां के स्थानीय मीडिया www.mirror.co.uk ने किया। जानें मंत्रियों ने क्या-क्या कहा...?
मंत्रियों ने उन सबूतों की ओर इशारा किया है जो बताते हैं कि कोविड -19 तब फैल सकता है जब एक संक्रमित व्यक्ति एक सीमित जगह, जैसे कि शौचालय में फॉर्ट करता है।
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टेस्ट से पता चला है कि वायरस मल में मौजूद हो सकता है, हालांकि अभी तक इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि फॉर्ट करने से कोरोना फैल सकता है।
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नाम न बताने की शर्त पर एक मंत्री ने टेलीग्राफ को बताया कि उन्होंने अन्य देशों की भरोसा करने वाले आर्टिकल पढ़े थे, जिसमें एक शौचालय से दो व्यक्तियों के बीच जीनोमिकल-लिंक्ड ट्रेसिंग कनेक्शन का सबूत था।
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मंत्री ने कहा कि हांगकांग में लॉकडाउन के दौरान बाथरूम के पाइप से संक्रमण फैलने के मामले सामने आए थे। ब्रिटेन सरकार के वैज्ञानिकों ने इस विषय पर कोई शोधपत्र तैयार नहीं किया है।
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एक अन्य मंत्री ने कहा, ट्रांसमिशन ज्यादातर मुंह और नाक के जरिए होता है, क्योंकि कोविड सांस की बीमारी है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के एक प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें इस दावे के बारे में पता नहीं था कि वायरस फॉर्ट से फैल सकता है।
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प्रवक्ता ने कहा, हम वैज्ञानिक सबूतों की समीक्षा करते हैं। पिछले साल महामारी के शुरुआती दिनों में कई विशेषज्ञों ने कहा था कि इसकी संभावना बहुत कम है।
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टेनेसी में वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के डॉक्टर विलियम शेफनर ने यूएसए टुडे को बताया था कि फॉर्ट के जरिए कोविड के फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने आगे कहा कि यह असंभव जैसा है।
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