ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री व्रत किया जाता है। ये व्रत महिला प्रधान है। इस दिन वट वृक्ष यानी बरगद की पूजा विशेष रूप से की जाती है। इस बार ये व्रत 22 मई, शुक्रवार को है।
1. वट सावित्री व्रत के दिन मन ही मन अपनी मनोकामना कहते हुए वट वृक्ष की पूजा करें और उसके चारों और सूत लपेट दें।
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2. किसी भी शनिवार को बरगद पर हल्दी और केसर चढ़ाने से बिजनेस में तरक्की से योग बन सकते हैं।
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3. अगर घर में कोई ऊपरी हवा की बाधा हो तो अमावस्या पर एक नारियल लाल कपड़े में लपेटकर पूरे घर में से घुमाते हुए बरगद पर जाकर टांग दें। आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
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4. रोज शाम को बरगद के नीचे शुद्ध घी का दीपक लगाएं और भगवान विष्णु का ध्यान करें। इससे आपकी समस्याओं का समाधान हो सकता है।
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5. किसी मंगलवार को बरगद के 11 पत्ते तोड़कर साफ पानी से धो लें। उन पत्तों पर केसर से श्रीराम लिखकर एक माला बना लें। यह माला हनुमानजी को अर्पित करें।
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