उज्जैन. श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 25 जुलाई, शनिवार को है। इस दिन नागों की पूजा का विधान है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, वे यदि इस दिन कुछ आसान उपाय करें तो इस दोष का प्रभाव कुछ कम हो सकता है। ये उपाय इस प्रकार हैं-
1. नागपंचमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद चांदी के नाग-नागिन की पूजा करें और नदीं में बहा दें।
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2. नागपंचमी पर लघु रुद्र का पाठ स्वयं करें या किसी योग्य पंडित से करवाएं। ये पाठ विधि-विधान पूर्वक होना चाहिए।
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3. नागपंचमी पर सुबह किसी शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर तांबे का नाग चढ़ाएं व वहीं बैठकर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
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4. सफेद फूल, कच्चा दूध, सफेद कपड़ा व सफेद मिठाई नदी में बहाएं व शेषनाग से कालसर्प दोष शांति के लिए प्रार्थना करें।
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5. नागपंचमी पर शाम को पीपल के वृक्ष की पूजा करें तथा उसके नीचे एक दीपक जलाएं।
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6. घर में कालसर्प दोष निवारक यंत्र की स्थापना करें व रोज उसकी पूजा करें।
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