उज्जैन. भाद्रपद मास की अमावस्या को कुशग्रहणी अमावस्या कहते हैं। इस बार ये अमावस्या 18 अगस्त, मंगलवार को है। मंगलवार को अमावस्या होने से इसे भौमी अमावस्या कहेंगे। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल अशुभ हो तो भौमी अमावस्या के योग में कुछ खास उपाय करने से मंगल दोष कम होता है। आज हम आपको बता रहे हैं कुंडली में मंगल अशुभ हो तो इससे हमारी लाइफ में क्या असर होता है, साथ ही अशुभ मंगल को शुभ करने के आसान उपाय...
1. जिसकी कुंडली में मंगल अशुभ होता है उसे मकान, जमीन, खेत आदि में नुकसान उठाना पड़ता है यानी अचल संपत्ति से कोई फायदा नहीं मिलता।
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2. आगजनी से छोटा-मोटा नुकसान होता रहता है।
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3. शुभ कार्य जैसे- हवन, पूजन आदि में जलाई गई अग्नि बुझ जाती है।
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4. खून से संबंधित बीमारियां होती हैं।
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5. वाहन से दुर्घटना हो सकती है।
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6. विवाह में समस्याएं आती हैं या बहुत समय बाद होता है।
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7. बार-बार कर्ज लेना पड़ता है।
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इन उपायों से करें अमंगल को मंगल
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1. भौमी अमावस्या के योग में मंगलदेव की पूजा करें और उपवास रखें।
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2. मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
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3. पानी में लाल चंदन का पाउडर डालकर स्नान करें।
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4. भौमी अमावस्या के योग में मंगल यंत्र की स्थापना अपने घर में करें और रोज इसकी पूजा करें।
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5. मूंगा रत्न, मसूर की दाल, तांबा, गुड़, घी का दान करें।
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6. किसी ज्योतिषी से जानकारी लेकर मूंगा रत्न धारण करें।
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7. भौमी अमावस्या के योग में भात पूजा करने से भी मंगलदेव प्रसन्न होते हैं।
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