उज्जैन. ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में देवी-देवताओं के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। भगवान श्रीगणेश के कई रूपों की आराधना भी विशेष कार्य सिद्धियों के लिए की जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, भगवान श्रीगणेश के इन रूपों का अगर विधि-विधान से पूजन कर पूजा घर में स्थापित किया जाए तो हर समस्या का निदान हो जाता है दुर्भाग्य दूर होता है। जानिए श्रीगणेश के इन विशेष स्वरूपों के बारे में-
1. चांदी के गणेश
जो लोग धन की इच्छा रखते हैं, उन्हें चांदी से बनी गणेश प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इन्हें अपने घर के पूजा घर में स्थापित कर दूर्वा चढ़ाने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
25
2. मूंगा के गणेश
मूंगा लाल रंग का एक रत्न होता है। इससे निर्मित श्रीगणेश की प्रतिमा को पूजा स्थान पर स्थापित करने और रोज पूजा करने से शत्रुओं का भय समाप्त हो जाता है।
35
3. पन्ना के गणेश
पन्ना हरे रंग का एक रत्न होता है। इससे निर्मित श्रीगणेश की प्रतिमा को घर में स्थापित कर पूजा करने से दिमाग तेज होता है और समाज में मान-सम्मान भी मिलता है।
45
4. चंदन के गणेश
चंदन की लकड़ी से बनी गणेश प्रतिमा घर में कहीं भी रख सकते हैं। इससे घर में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आती साथ ही परिवार के सदस्यों में सामंजस्य बना रहता है।
55
5. सफेद आंकड़े के गणेश
ज्योतिष उपायों में सफेद आंकड़े (एक प्रकार का पौधा) की जड़ से बनी श्रीगणेश प्रतिमा का विशेष महत्व है। इसे श्वेतार्क गणपति भी कहते हैं। श्वेतार्क गणेश की पूजा करने से सभी तरह के दोष शांत हो जाते हैं।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi