उज्जैन. इन दिनों गणेश उत्सव चल रहा है। इन 10 दिनों में भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए अलग-अलग उपाय किए जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इन 10 दिनों में भगवान गणपति के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। वैसे भी शास्त्र कहते हैं कि हर शुभ काम के पहले गणपति की उपासना करना चाहिए। इससे कामों में आने वाले संकट टल जाते हैं। गणपति उत्सव के 10 दिनों में भगवान गणेश के मंत्र का जाप आपको मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देगा। यहां भगवान गणेश के पांच मंत्र और उनके अर्थ हैं, इनमें से किसी भी एक मंत्र का जाप किया जा सकता है...
अर्थ- घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली। मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करें (करने की कृपा करें)॥
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अर्थ- हे हेरम्ब ! आपको किन्ही प्रमाणों द्वारा मापा नहीं जा सकता, आप परशु धारण करने वाले हैं, आपका वाहन मूषक है । आप विश्वेश्वर को बारम्बार नमस्कार है ।
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अर्थ- जिनके एक दाँत और सुन्दर मुख है, जो शरणागत भक्तजनों के रक्षक तथा प्रणतजनों की पीड़ा का नाश करनेवाले हैं, उन शुद्धस्वरूप आप गणपति को बारम्बार नमस्कार है ।
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अर्थ - विघ्नेश्वर, वर देनेवाले, देवताओं को प्रिय, लम्बोदर, कलाओंसे परिपूर्ण, जगत् का हित करनेवाले, गजके समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को नमस्कार है ; हे गणनाथ ! आपको नमस्कार है ।
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अर्थ- जिनके एक दाँत और सुन्दर मुख है, जो शरणागत भक्तजनों के रक्षक तथा प्रणतजनों की पीड़ा का नाश करनेवाले हैं, उन शुद्धस्वरूप आप गणपति को बारम्बार नमस्कार है ।
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