Published : Jun 04, 2020, 12:30 PM ISTUpdated : Jun 04, 2020, 03:28 PM IST
हटके डेस्क: इंसान बीमार होने पर डॉक्टर्स के पास जाता है। उसे अपनी समस्या बताता है। इसके बाद डॉक्टर जांच कर शख्स को उसकी समस्या के हिसाब से दवाइयां लिख देता है। लेकिन अब कुछ ऐसी दवाइयां मार्केट में आ गई हैं, जो किसी ख़ास वजह से ख़ास बीमारी में कोई भी ले लेता है। जैसे हल्का बुखार होने पर कोई भी पैरासिटामोल खा लेता है। डॉक्टर के पास जाने का झमेला खत्म कर खुद ही डॉक्टरी ज्ञान अपना लेता है। ऐसे में कई बार लेने के देने पड़ जाते हैं। अब ऐसा ही कुछ हुआ इस लड़की के साथ, जिसकी स्टोरी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लड़की ने अपने दांत में दर्द होने पर इबुप्रोफेन दवा खा ली। ये वही दवा है, जो इन दिनों कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही है। लेकिन इसका जो अंजाम हुआ, वो काफी खौफनाक था...
इबुप्रोफेन हर घर में पाया जाने वाला पेनकिलर है। इसे बॉडी में दर्द होने पर लोग खाते हैं। पैरासिटामोल की ही तरह, इसकी सेल के लिए डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन की जरुरत नहीं होती है।
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लेकिन कुछ लोगों की बॉडी ख़ास साल्ट्स से एलर्जिक होती है। ऐसे में दवा लेने से पहले सावधानी बेहद जरुरी है। लेकिन एक महिला ने हर दूसरे शख्स की तरह पेन किलर बिना डॉक्टरी सलाह के खा तो लिया, लेकिन इसका अंजाम काफी भयंकर हो गया।
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सोशल मीडिया पर थाईलैंड का एक मामला सामने आया। इसमें एक महिला ने दांतों की सर्जरी करवाई। थोड़ा दर्द होने पर वो केमिस्ट से इबुप्रोफेन ले आई। लेकिन इसके बाद उसका पूरा बदन जलने लगा।
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उसने दो टैबलेट खाई। एक सुबह में और एक दोपहर में। इसके बाद उसकी आंखें जलने लगी। साथ ही होंठ भी सूज गए। पूरी बॉडी में रैशेस भी पड़ गए।
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उसकी हालत ऐसी हो गई कि वो हिल भी नहीं पा रही थी। उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां अगले 7 दिन वो आईसीयू में रही। डॉक्टर्स ने बताया कि उसे इबुप्रोफेन से एलर्जी हो गई।
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कुछ सालों पहले यूके में भी एक 13 साल के बच्चे के साथ ऐसा ही एक हादसा हुआ था। उसे भी बदन दर्द में पेरेंट्स ने इबुप्रोफेन खाने को दिया था। इसके बाद जो हुआ वो किसी से देखा नहीं गया। वो तो मरने से बच गया वही काफी है।
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कैल्विन लॉक नाम के इस बच्चे को इबुप्रोफेन से भयंकर रिएक्शन हो गया था। उसने स्ट्रॉबेरी फ्लेवर का लिक्विड इबुप्रोफेन सिरप पिया था। इसके बाद उसकी बॉडी से चमड़ी अलग होने लगी।
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डॉक्टर्स ने तो उसके अंधे होने की बात भी कह डाली। इसके हाथ-पैर में फोड़े हो गए थे। फोड़ों में काफी दर्द होता था। उसके नाख़ून उतर गए थे। डॉक्टर्स ने पहले चिकन पॉक्स नाम दिया था। लेकिन बाद में पता चला कि उसे इबुप्रोफेन से रिएक्शन हो गया था।
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डॉक्टर्स की दवाइयों से उसे ठीक कर दिया गया, लेकिन इसके बाद इस पेन किलर के इस्तेमाल पर सवाल उठ गया था। अब एक बार फिर ये दवा चर्चा में है।
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अब इसका इतेमाल कोरोना को हराने के लिए करने की बात चल रही है। इसे लेकर रिसर्च जारी है लेकिन थाईलैंड की इस खबर ने इबुप्रोफेन के इस्तेमाल को सवालों के घेरे में ला दिया है।
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