Published : Mar 03, 2022, 10:36 AM ISTUpdated : Mar 03, 2022, 10:38 AM IST
वर्ल्ड न्यूज: ये तस्वीर कीव के जू(ZOO) में मौजूद एक विलुप्तप्राय गोरिल्ला और उसके बच्चे की है। रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध (Russia Ukraine War) के चलते चिड़ियाघरों के जानवर तक बेहद डरे-सहमे हैं। कर्मचारियों को नहीं मालूम कि ये युद्ध में बच पाएंगे या नहीं। बता दें कि युद्ध का 3 मार्च को 8वां दिन है। इस भीषण युद्ध में अब तक 2000 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। रूसी सेना यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों तरफ से घेर लिया है। कीव के जू में शेर, हाथी, गोरिल्ला, जिराफ आदि सहित करीब 200 से अधिक प्रजातियों के 4000 जीव हैं। चिड़ियाघर अभी बंद है। लेकिन सबसे बड़ा संकट इन जानवरों की सुरक्षित शिफ्टिंग है। लेकिन अभी तक इस बारे में कोई प्लान नहीं है। कर्मचारी तो यहां तक कहते हैं कि जानवरों को निकाल पाना असंभव है। जू के प्रमुख काइरिले ट्रैंटिन(Kyrylo Trantin) कहते हैं कि यह इसलिए मुश्किल है,क्योंकि इनके लिए चिकित्सा सेवा और ट्रांसपोर्ट मुमकिन नहीं है। हालांकि न्यूजवीक(Newsweek) कीव के पास के अभ्यारण्यों(anctuaries) से सोमवार-मंगलवार को जानवरों की निकासी संभव हो गई, लेकिन कीव के जू के जानवरों की ऐसी किस्मत नहीं दिखती। देखें कुछ तस्वीरें और जानिए जानवरों का हाल...
यह तस्वीर यूक्रेन की राजधानी कीव के जू(zoo) में मौजूद पूर्वी तराई या ग्राउर गोरिल्ला( Lowland Gorilla) मां और उसके बेटे की है। यह एक दुर्लभ यानी विलुप्त होती गोरिल्ला प्रजाति है, जो पूर्वी लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो( eastern Democratic Republic of the Congo) में पाई जाती है। युद्ध के दौरान होते धमाकों के बीच उसे ऐसे डरे-सहमे देखा जा सकता है। (Getty Images)
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यह तस्वीर Euronews Green के twitter (@euronewsgreen) पर शेयर की गई है। इसमें लिखा गया कि पिछले हफ्ते जब कीव के जू के पास भारी लड़ाई की सूचना मिली, तो सोशल मीडिया पर जानवरों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। धमाकों की आवाजें सुनकर हाथी और अन्य कमजोर प्रजातियों के जानवर डर जाते हैं। उन्हें शांत करने दवाएं देनी पड़ रही हैं।
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यह तस्वीर @LorenzoTheCat के twitter पेज से ली गई है। इसमें लिखा गया कि कीव के पास के एक चिड़ियाघर(zoo) से जानवरों को सुरक्षित निकालकर पोलैंड के पॉज्नान(Poznan in Poland) ले जाया गया है।
यह तस्वीर कीव के जू की है, जिसमें 2600 से अधिक जानवर हैं। इनमें एक टोनी नाम की सिल्वरबैक (Silverback) भी है। बता दें कि एडल्ट नर गोरिल्ला(gorillas) को सिल्वरबैक के नाम से भी जाना जाता है। यहां के जानवरों को मौता का साया मंडरा रहा है।
नेचरवॉच फाउंडेशन(Naturewatch Foundation) ने tweet किया कि कीव के पास डेमीडिव( Demydiv) में बिजली नहीं है। यहां 100 से अधिक जानवर मौजूद हैं। हालांकि यहां उनके लिए अभी खाने का इंतजाम है। जानवरों को निकालने का काम जारी है, लेकिन इसमें समय लगता है।
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