Published : Nov 13, 2020, 03:45 PM ISTUpdated : Nov 14, 2020, 12:42 PM IST
अश्गाबात. वैसे तो आपने देश-विदेश में नेताओं की मूर्ति लगी देखी होगी। लेकिन तुर्कमेनिस्तान के शासक ने अपने पसंदीदा कुत्ते की 50 फीट ऊंची सोने की मूर्ति बनवाई है। यह मूर्ति तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात के नए इलाके में लगाया गया है। तुर्कमेनिस्तान के शासक गुरबांगुली बेर्दयमुखमेदोव ने बुधवार को तुर्कमेन अलबी प्रजाति के इस कुत्ते की विशाल मूर्ति का अनावरण किया।
अलबी प्रजाति तुर्कमेनिस्तान में ही पैदा होती है। इसे तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रीय पहचान का हिस्सा माना जाता है। गुरबांगुली ने कुत्ते की इस प्रजाति को समर्पित करके कई किताबें और कविताएं लिखी हैं। इस कुत्ते को तुर्कमेनिस्तान में विजय का प्रतीक माना जाता है।
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तुर्कमेनिस्तान के शासक ने एक बार अलबी प्रजाति के एक कुत्ते को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को गिफ्त के तौर पर दिया था। तुर्कमेनिस्तान में गुरबांगुली बेर्दयमुखमेदोव 2007 से देश की सत्ता पर हैं।
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सरकार के मुताबिक, यह मूर्ति कांसे की बनाई गई है। इस पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई है। मूर्ति की ऊंचाई 20 फुट की है। जहां यह मूर्ति लगाई गई है, वहां सरकार के अधिकारियों के रहने की व्यवस्था की गई है।
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इस इलाके में कई मार्बल से बनी इमारतें, स्कूल, पार्क, दुकानें, सिनेमा और खेल मैदान भी स्थित हैं। जहां एक तरफ तुर्कमेनिस्तान के शासक ने कुत्ते के लिए खजाना खोल दिया, वहीं दूसरी ओर देश की जनता को गरीबी से गुजरना पड़ रहा है।
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यहां स्वतंत्र प्रेस की हालत उत्तर कोरिया से भी खराब है। देश की अर्थव्यवस्था तेल और प्राकृतिक गैस की वजह से तेजी से बढ़ रही है लेकिन इसका फायदा सिर्फ अमीरों को हो रहा है।
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इससे पहले 2015 में तुर्कमेनिस्तान के इस सनकी तानाशाह ने अपनी सोने की मूर्ति बनवाई थी।
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