
Kuldhara Mystery: क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है, जहां दिनभर पर्यटक घूमते हैं, लेकिन शाम होते ही पूरा इलाका खाली होने लगता है? राजस्थान के जैसलमेर के पास मौजूद कुलधरा गांव को लेकर ऐसे ही कई किस्से मशहूर हैं। कहा जाता है कि शाम 6 बजे के बाद यहां कोई नहीं रुकता है। इसे भारत का सबसे रहस्यमयी और 'भूतिया' गांव माना जाता है। आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? आइए जानते हैं इस 200 साल पुराने अनसुलझे रहस्य को...
कुलधरा (Kuldhara) राजस्थान के जैसलमेर से करीब 17 किलोमीटर दूर मौजूद एक बेहद पुराना गांव है। आज यह गांव पूरी तरह वीरान है, लेकिन करीब 200 साल पहले यहां पालीवाल ब्राह्मणों की बड़ी आबादी रहती थी। खेती, व्यापार और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए यह गांव काफी फेमस माना जाता था।
TOI और medium.com में पब्लिश स्टोरी अनुसार, करीब 200 साल पहले कुलधरा एक बहुत ही खुशहाल और अमीर गांव हुआ करता था। यहां 'पालीवाल ब्राह्मण' समुदाय के लोग रहते थे, जो खेती और व्यापार में बहुत आगे थे, लेकिन साल 1825 की एक रात कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे इतिहास को बदल दिया। कहा जाता है कि रातों-रात कुलधरा के साथ-साथ आसपास के 83 गांवों के लोग अपना सब कुछ छोड़कर बिना कोई आवाज किए, बिना कोई निशान छोड़े कहां चले गए, यह आज तक कोई वैज्ञानिक या इतिहासकार नहीं सुलझा पाया है।
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गांव वालों के इस तरह रातों-रात भागने के पीछे एक बहुत बड़ी कहानी बताई जाती है। उस समय रियासत का एक दीवान (मंत्री) हुआ करता था, सालिम सिंह। वह बेहद जालिम और अय्याश था। एक दिन उसकी बुरी नजर गांव के मुखिया की खूबसूरत बेटी पर पड़ गई। उसने गांव वालों को धमकी दी कि अगर लड़की की शादी उससे नहीं की गई, तो वह पूरे गांव को बर्बाद कर देगा और भारी टैक्स लगा देगा। अपनी बेटी की इज्जत और अपनी खुद्दारी बचाने के लिए सभी 84 गांवों के पंचायतों ने रातों-रात अपनी पुश्तैनी जमीन छोड़ने का बड़ा फैसला लिया। जाते-जाते गांव के बुजुर्गों ने इस मिट्टी को एक भयानक श्राप (Curse) दिया कि 'आज के बाद इस जगह पर कोई भी इंसान कभी बस नहीं पाएगा।' हैरानी की बात यह है कि 200 साल बीत जाने के बाद भी आज तक यह गांव वैसा ही वीरान और खाली पड़ा है।
आज यह गांव पुरातत्व विभाग (Archaeology Department) की देखरेख में है। यहां के नियम बहुत सख्त हैं कि शाम 6 बजे से पहले हर पर्यटक को मुख्य गेट से बाहर जाना ही पड़ता है। रात के समय यहां रुकना सख्त मना है। जो लोग दिन में भी यहां घूमने आते हैं, वे बताते हैं कि 'गांव की हवा में एक अजीब सा भारीपन महसूस होता है। अक्सर ऐसा लगता है जैसे कोई आस-पास चल रहा हो, जबकि पीछे मुड़कर देखने पर कोई नहीं होता।' कुछ लोगों ने हवाओं में फुसफुसाहट, महिलाओं के रोने और बच्चों के भागने की आवाजें सुनने का दावा किया है। हालांकि, कुछ जानकारों का मानना है कि यह कोई 'भूत-प्रेत' का चक्कर नहीं, बल्कि गांव के खाली मकानों के बीच से जब तेज हवा गुजरती है, तो वैसी डरावनी आवाजें पैदा होती हैं। इंसान का दिमाग सन्नाटे में अक्सर खुद ही डरावनी चीजें सोचने लगता है।
कुलधरा को अक्सर भारत के सबसे रहस्यमयी या भूतिया गांवों में गिना जाता है। लेकिन अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है जो यह साबित करे कि यहां वास्तव में कोई अलौकिक घटना होती है। जानकारों का मानना है कि पूरी तरह सुनसान माहौल, खंडहर बन चुके मकान और गांव से जुड़ी पुरानी कहानियां लोगों के मन में डर पैदा कर सकती हैं।
आज कुलधरा राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। दिन के समय लोग आराम से गांव घूमते हैं, पुरानी इमारतें देखते हैं और तस्वीरें खींचते हैं। हालांकि, शाम होने के बाद यहां का माहौल पूरी तरह बदल जाता है।
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