Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं? सूतक से लेकर पूजा-पाठ तक जानें कंप्लीट जानकारी

Published : Aug 11, 2026, 09:00 AM IST
Solar Eclipse 2026

सार

Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें और किन कामों से बचें? जानें सूतक काल के नियम, मंत्र जाप, पूजा और दान से जुड़े खास उपाय, जो आपको जानने चाहिए।

Surya Grahan Dos and Donts: ग्रहण के दौरान मंत्र जाप, ध्यान, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। वहीं सूतक काल में भोजन बनाने-खाने, शुभ काम शुरू करने और कुछ धार्मिक गतिविधियों से बचने की परंपरा भी है। सूर्य ग्रहण से पहले 12 घंटे का सूतक माना जाता है।

सूर्य ग्रहण का धार्मिक महत्व क्या है?

सूर्य को देवता और जीवन, प्रकाश व ऊर्जा का स्रोत माना गया है। ग्रहण के समय सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए ढक जाता है। पौराणिक कथा में इसका संबंध राहु और केतु से जोड़ा जाता है। समुद्र मंथन की कथा के अनुसार- समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में राहु नामक असुर का सिर काटा था। राहु देवता का रूप धारण करके चुपके से अमृत पीने लगा था। सूर्य और चंद्रमा के बताने पर भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। सिर को राहु और धड़ को केतु कहा गया। राहु सूर्य और चंद्रमा को ग्रसता है और इसी से ग्रहण की घटना जुड़ी है।

सूतक काल क्या होता है?

धार्मिक परंपरा में सूर्य ग्रहण से पहले के समय को सूतक काल कहा जाता है। पारंपरिक गणना के अनुसार सूर्य ग्रहण के लिए सूतक लगभग 12 घंटे पहले शुरू माना जाता है। हालांकि सूतक उसी स्थान पर लागू माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है। सूतक के दौरान कई परिवार पूजा-पाठ के सामान्य तरीके को रोककर मंत्र जाप और ध्यान करते हैं।

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सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?

1. मंत्र जाप और ध्यान करें

ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना को शुभ माना जाता है। लोग अपनी परंपरा के अनुसार सूर्य मंत्र, गायत्री मंत्र, भगवान शिव या इष्ट देव का नाम जपते हैं।

2. सूर्य देव की उपासना करें

सूर्य देव को जल चढ़ाना और उनकी प्रार्थना करना हिंदू परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके सूर्य देव की पूजा करने की परंपरा भी कई घरों में है।

3. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें

धार्मिक मान्यता के अनुसार- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुद्धिकरण का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा या प्रार्थना करने की परंपरा है।

4. घर की सफाई करें

कई परिवार ग्रहण खत्म होने के बाद घर की सफाई करते हैं और पूजा स्थान को भी साफ करते हैं। घर को शुद्ध करने के लिए गंगाजल छिड़कते हैं।

5. दान-पुण्य करें

ग्रहण के बाद अन्न, वस्त्र, धन या जरूरत की वस्तुओं का दान करना धार्मिक परंपरा में पुण्यकारी माना जाता है। खासकर जरूरतमंद की सहायता करनी चाहिए।

सूर्य ग्रहण में क्या नहीं करना चाहिए?

1. भोजन करने से बचने की मान्यता

धार्मिक नियमों में सूतक और ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। ग्रहण से पहले भोजन कर लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए छूट है।

2. नया शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए

कई धार्मिक परंपराओं में ग्रहण या सूतक काल में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ काम नहीं किए जाते। इन्हें ग्रहण समाप्त होने के बाद करना ज्यादा उचित माना जाता है।

3. पूजा की मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए

ग्रहण के दौरान मंदिर या पूजा स्थान में मूर्तियों को छूने से बचना चाहिए। ग्रहण के बाद शुद्धिकरण करके पूजा करना चाहिए।

4. गलत कामों से बचने की सलाह

गुस्सा, विवाद, हिंसा और गलत विचारों से बचना चाहिए। इस समय ध्यान और भगवान का नाम लेना चाहिए।

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क्या गर्भवती महिलाओं के लिए अलग नियम हैं?

गर्भवती महिलाओं को लेकर ग्रहण से जुड़ी कई पारंपरिक मान्यताएं हैं- जैसे घर में रहना, मंत्र जाप करना और ग्रहण देखने से बचना। कुछ परंपराओं में धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल न करने की बात भी कही जाती है।

सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना चाहिए?

वैज्ञानिक सुरक्षा से यह जरूरी है। सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को बिना सुरक्षा के सीधे देखने से आंखों को नुकसान हो सकता है। इसलिए अगर ग्रहण आपके एरिया में दिखाई दे रहा हो, तो प्रॉपर solar eclipse glasses या फिर solar filter का यूज करें।

तुलसी और कुश रखने की परंपरा क्यों है?

कई हिंदू परिवार ग्रहण से पहले रखे हुए भोजन और पानी में तुलसी की पत्ती या कुश रखते हैं।

ग्रहण के बाद क्या करें?

  • गंगाजल डालकर या नॉर्मल स्नान करें।
  • साफ कपड़े पहनें।
  • गंगाजल डालकर पूजा स्थान की साफ-सफाई करें।
  • भगवान की पूजा और मंत्र जाप करें।
  • सूर्य देव को जल चढ़ाएं।
  • जरूरतमंदों को दान दें।
  • घर में सकारात्मक और शांत वातावरण रखें।

12 अगस्त 2026 को है सूर्य ग्रहण लेकिन...

12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में रहने वाले लोगों के लिए उस ग्रहण या सूतक की परंपरा मान्य नहीं होगा। लेकिन इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आस-पास के धर्मगुरुओं या बड़े-बुजुर्गों से सलाह ली जा सकती है।

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About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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