UNESCO World Heritage Site: किसी ऐतिहासिक जगह को टैग मिलने से क्या बदल जाता है? जानें फायदे और नुकसान

Published : Oct 19, 2026, 01:31 PM IST
UNESCO World Heritage Site Rules

सार

UNESCO World Heritage Site Rules: किसी भी ऐतिहासिक जगह को UNESCO World Heritage Site का दर्जा मिलने से क्या बदलता है? जानें कैसे बढ़ता है पर्यटन, क्या मिलती है फंडिंग और किन हालात में छिन सकता है यह सम्मान।

UNESCO World Heritage Site Criteria: किसी ऐतिहासिक किले, प्राचीन शहर या प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर जगह को UNESCO World Heritage Site का दर्जा मिलना बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इससे उस जगह को दुनिया भर में पहचान मिलती है और पर्यटन बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं। लेकिन क्या UNESCO का टैग मिलते ही किसी जगह की कमाई बढ़ जाती है या उसके संरक्षण के लिए पैसा मिलने लगता है? इसका जवाब इतना सीधा नहीं है। इस दर्जे के साथ कई अहम जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं। जानिए पूरी डिटेल।

UNESCO World Heritage Site का दर्जा कैसे मिलता है?

UNESCO यानी संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन के तहत काम करने वाला World Heritage Centre दुनिया की उन जगहों की पहचान करता है, जिनका महत्व पूरी मानवता के लिए असाधारण है। इसे Outstanding Universal Value कहा जाता है। किसी जगह को विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के लिए 10 निर्धारित मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना होता है। इनमें ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ाव, वास्तुकला की अनोखी मिसाल, सांस्कृतिक परंपराएं, प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता जैसे पहलू शामिल हैं।

ये भी पढ़ें- Indian Railways: रेलवे ट्रैक पर पत्थर क्यों होते हैं, लेकिन मेट्रो ट्रैक पर क्यों नहीं?

क्या UNESCO का टैग मिलने से बढ़ जाते हैं पर्यटक?

विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद किसी जगह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है। इससे विदेशी पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ने और स्थानीय कारोबार को फायदा मिलने की संभावना रहती है। होटल, रेस्टोरेंट, गाइड और टूर ऑपरेटर जैसे व्यवसायों को अधिक पर्यटकों से लाभ हो सकता है। हालांकि, सिर्फ UNESCO का टैग मिलने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने या स्थानीय लोगों की कमाई में इजाफा होने की गारंटी नहीं होती। इसके लिए बेहतर सुविधाएं, पहुंच, प्रचार और पर्यटन प्रबंधन भी जरूरी हैं।

क्या UNESCO साइट के संरक्षण के लिए पैसा भी देता है?

विश्व धरोहर घोषित होने का मतलब यह नहीं है कि UNESCO उस जगह के रखरखाव का पूरा खर्च उठाएगा। साइट जिस देश में स्थित है, उसकी सुरक्षा और संरक्षण की मुख्य जिम्मेदारी उसी देश की होती है। हालांकि, पात्र देश World Heritage Fund से संरक्षण, प्रबंधन और आपातकालीन सुरक्षा के लिए सहायता मांग सकते हैं। यह आर्थिक मदद अपने आप नहीं मिलती, बल्कि जरूरत और आवेदन के आधार पर तय होती है।

ये भी पढ़ें- Railway Rules: रेलवे प्लेटफॉर्म पर क्यों बनी होती है पीली लाइन? इसके पीछे छिपा है यात्रियों की सुरक्षा का बड़ा कारण

क्या UNESCO किसी साइट का दर्जा वापस ले सकता है?

हां। अगर किसी विश्व धरोहर स्थल को गंभीर खतरा हो, तो उसे World Heritage in Danger की सूची में शामिल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य खतरे की ओर ध्यान दिलाना और सुधार के लिए कदम उठाने को प्रोत्साहित करना है। अगर किसी जगह की वे विशेषताएं ही नष्ट हो जाएं, जिनके आधार पर उसे विश्व धरोहर का दर्जा मिला था, तो UNESCO की विश्व धरोहर समिति उसका दर्जा भी हटा सकती है। इसलिए UNESCO World Heritage Site बनना सिर्फ सम्मान की बात नहीं है। असली चुनौती उस विरासत को सुरक्षित रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उसका ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व समझ सकें।

PREV
Welcome to the Asianet News Hindi General Knowledge (GK) Hub, your go-to destination for amazing facts, interesting information, everyday science explainers, "Did You Know?" stories, curiosity-driven content, and answers to intriguing "Aisa Kyu?" questions. Explore fascinating insights about science, nature, history, technology, space, health, and the world around you—all explained in a simple and engaging way.
AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

V Letter Baby Boy Names: बेटे का नाम V से रखना है? देखें 100 खूबसूरत नामों की लिस्ट
Indian Railways: रेलवे ट्रैक पर पत्थर क्यों होते हैं, लेकिन मेट्रो ट्रैक पर क्यों नहीं?