
Abhijit Muhurta Significance: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को शुरू करने से पहले मुहूर्त देखने की परंपरा है। शादी-विवाह, गृह प्रवेश, पूजा, बिजनेस-व्यापार और अन्य किसी भी शुभ काम की शुरुआत के लिए शुभ समय देखा जाता है। इन्हीं शुभ समयों में एक खास समय है- अभिजीत मुहूर्त। मान्यता के अनुसार- अभिजीत मुहूर्त ऐसा समय माना जाता है, जिसमें किए गए कामों में सफलता और शुभ फल मिलने की संभावना बढ़ती है। सवाल है- अभिजीत मुहूर्त क्या होता है? यह कब आता है, इसे इतना शुभ क्यों माना जाता है? आइए जानते हैं।
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'अभिजीत' शब्द का मतलब है विजयी या सफलता प्राप्त करने वाला।
हिंदू ज्योतिष और धार्मिक परंपरा में अभिजीत मुहूर्त को दिन के बीच का एक खास शुभ समय माना गया है। मान्यता है- इस समय भगवान की स्पेशल कृपा रहती है और इस दौरान किए गए कामों में सफलता प्राप्त हो सकती है। इस वजह से कई बार सर्वश्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक माना जाता है।
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धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार- अभिजीत मुहूर्त आमतौर पर दोपहर के समय आता है। यह समय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 15 भागों में बांटने के बाद डिसाइड किया जाता है। सामान्य रूप से यह लगभग दोपहर 12 बजे के आसपास माना जाता है। हालांकि इसका सही समय स्थान, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार बदल सकता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थान पर दोपहर का मध्य समय 12 बजे है, तो उसी के आसपास अभिजीत मुहूर्त माना जा सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार अभिजीत मुहूर्त में सूर्य देव की विशेष ऊर्जा रहती है। सूर्य को हिंदू धर्म में जीवन, प्रकाश और शक्ति का सोर्स माना गया है। इसलिए इस समय को सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा हुआ माना जाता है। मान्यता है इस समय -
- नया काम शुरू करना शुभ होता है।
- पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं।
- महत्वपूर्ण डिसीजन लेना अच्छा माना जाता है।
- भगवान का ध्यान और पूजा-पाठ करना फलदायी माना जाता है।
अभिजीत मुहूर्त को भगवान विष्णु से भी जोड़ा जाता है। कई परंपराओं में माना जाता है कि इस समय भगवान विष्णु की स्पेशल कृपा प्राप्त होती है। इसलिए विष्णु पूजा और धार्मिक कामों में इस समय को महत्व दिया जाता है।
धार्मिक कथाओं में भगवान श्रीकृष्ण का नाम भी अभिजीत नक्षत्र और शुभ समय से जोड़ा जाता है। महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शुभ समय और सही डिसीजन जीवन में सफलता का रास्ता बताते हैं।
- नए व्यापार की शुरुआत
- पूजा-पाठ
- मंत्र जाप
- गृह प्रवेश
- भूमि पूजन
- नए काम का संकल्प
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार- अभिजीत मुहूर्त सामान्य रूप से हर दिन आता है, लेकिन इसका समय हर स्थान पर अलग हो सकता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में पंचांग के अनुसार इसे टाला भी जा सकता है। इसलिए धार्मिक कामों के लिए लोग अक्सर विद्वान पंडित या पंचांग की मदद लेते हैं।