
Why Internet Slow: वीडियो रुक-रुक कर चल रहा है? WhatsApp पर मैसेज अटका हुआ है? या फिर वेब पेज खुलने में समय लग रहा है? हम तुरंत अपनी टेलीकॉम कंपनी या वाई-फाई वाले को कोसना शुरू कर देते हैं। लेकिन रुकिए, हर बार गलती सिर्फ नेटवर्क वाले की नहीं होती है। कई बार असली विलेन आपका मोबाइल, राउटर की गलत जगह, मौसम या बैकग्राउंड में छिपकर डेटा खाने वाले ऐप्स भी होते हैं। अगर आप भी दिन में 10 बार एयरप्लेन मोड ऑन-ऑफ करके थक चुके हैं, तो आइए जानते हैं इंटरनेट स्लो चलने के 5 बड़े कारण और उन्हें चुटकियों में ठीक करने के धांसू तरीके...
इंटरनेट की स्पीड सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि आपके प्लान में 100 Mbps या 5G लिखा है। मेन एक्सपिरियंस इस बात पर डिपेंड करता है कि डेटा कितनी तेजी और बिना रुकावट के आपके डिवाइस तक पहुंच रहा है। जैसे- मान लीजिए हाईवे पर गाड़ियां बहुत ज्यादा हैं। सड़क अच्छी होने के बावजूद ट्रैफिक के कारण गाड़ियां धीरे चलेंगी। इंटरनेट भी इसी तरह काम करता है। अगर नेटवर्क पर ज्यादा लोग एक साथ जुड़े हों, तो स्पीड कम हो सकती है।
एक ही समय में बहुत ज्यादा यूजर
शाम के समय या किसी बड़े कार्यक्रम के दौरान हजारों लोग एक ही मोबाइल टावर या Wi-Fi नेटवर्क का यूज करते हैं। इससे नेटवर्क पर प्रेशर बढ़ जाता है और स्पीड कम हो जाती है।
कमजोर नेटवर्क सिग्नल
अगर आप बेसमेंट, लिफ्ट, मोटी दीवारों वाले रूम्स या दूरदराज के इलाकों में हैं, तो मोबाइल सिग्नल वीक हो सकते हैं। कमजोर सिग्नल का डायरेक्ट इंपैक्ट इंटरनेट स्पीड पर पड़ता है।
Wi-Fi राउटर का सही जगह ना होना
अगर राउटर कमरे के कोने, अलमारी के अंदर या किसी धातु (मेटल) की चीज के पास रखा है, तो उसका सिग्नल वीक हो सकता है। राउटर को घर के बीच वाले हिस्से और ओपन एरिया में रखें।
मोबाइल या लैपटॉप की प्रॉब्लम
कई बार इंटरनेट नहीं, बल्कि आपका डिवाइस स्लो होता है। अगर मोबाइल की स्टोरेज लगभग भर चुकी है, बहुत सारे ऐप बैकग्राउंड में चल रहे हैं या सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं है, तो इंटरनेट भी स्लो हो सकता है।
वेबसाइट या ऐप का सर्वर स्लो होना
अगर किसी वेबसाइट पर एक साथ लाखों लोग पहुंच जाएं, तो उसका सर्वर स्लो हो जाता है। ऐसे में आपका इंटरनेट अगर ठीक है तो भी वेबसाइट लेट ओपन होगी।
खराब मौसम का असर
तेज बारिश, आंधी या बिजली गिरने जैसी परिस्थितियों में मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट कम्युनिकेशन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि फाइबर ब्रॉडबैंड पर इसका असर आमतौर पर कम होता है।
डेटा लिमिट या नेटवर्क मैनेजमेंट
कुछ इंटरनेट प्लान में फिक्स डेटा खत्म होने के बाद स्पीड स्लो हो जाती है। वहीं कुछ नेटवर्क कंपनियां ज्यादा भीड़ के टाइम ट्रैफिक मैनेजमेंट भी करती हैं, जिससे कुछ यूजर्स को कम स्पीड मिल सकती है।
अगर कई दिनों तक लगातार स्पीड कम रहे, कॉल ड्रॉप के साथ इंटरनेट भी प्रभावित हो, या स्पीड टेस्ट में आपके प्लान से काफी कम स्पीड मिले, तो अपने इंटरनेट सर्विस कंपनी (ISP) या मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करें।
कॉन्टेन्ट सोर्सः International Telecommunication Union (ITU), GSMA, Ookla Speedtest Global Index, Wi-Fi Alliance, Cisco Annual Internet Report, Federal Communications Commission (FCC).