पारंपरिक कड़े और सोने की चूड़ियां
दुल्हन की चूड़ियों की खनक के बिना शादी का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। पतली सोने की चूड़ियों के साथ भारी कड़े या फिर क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार कंगन, वलयाल या चूड़ा दुल्हन के हाथों को खास बनाते हैं।
क्यों हमेशा ट्रेंड में रहती हैं: चूड़ियां विवाह, समृद्धि और निरंतरता का प्रतीक मानी जाती हैं। यही वजह है कि ये पीढ़ियों तक कभी फैशन से बाहर नहीं होतीं।