
Electricity Meter Red Light: अगर घर में बिजली की खपत पहले जैसी है, लेकिन हर महीने बिल बढ़ता जा रहा है और मीटर पर लगी लाल बत्ती तेजी से ब्लिंक कर रही है, तो सबसे पहले शक बिजली मीटर पर जाता है। हालांकि, हर बार इसकी वजह मीटर की खराबी नहीं होती। कई मामलों में घर की वायरिंग, लीकेज या अनचाहा विद्युत लोड भी बढ़े हुए बिल की वजह हो सकता है।
इंजीनियर अंकित के मुताबिक, मीटर बदलने या उसकी जांच कराने से पहले घर की वायरिंग और वास्तविक बिजली खपत की जांच करना ज्यादा बेहतर है। किसी छोटी वायरिंग खराबी या छिपे हुए कनेक्शन के कारण भी बिजली की खपत बढ़ सकती है।
बिजली मीटर पर लगी इंडिकेटर लाइट आमतौर पर बिजली की खपत के अनुरूप ब्लिंक करती है। यानी घर में जितना अधिक विद्युत लोड होगा, मीटर की इंडिकेटर लाइट उतनी तेजी से ब्लिंक करती दिखाई दे सकती है।
इसलिए केवल लाल बत्ती का तेजी से जलना-बुझना देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि मीटर खराब हो गया है। अगर उस समय घर में पंखे, AC, फ्रिज, गीजर या दूसरे उपकरण चल रहे हैं, तो ज्यादा ब्लिंकिंग सामान्य हो सकती है।
लेकिन यदि सामान्य लोड के बावजूद मीटर असामान्य रूप से तेजी से चल रहा है, तो घर की वायरिंग और बिजली के सर्किट की जांच कराना जरूरी है।
कई बार घर में मौजूद छोटी इलेक्ट्रिकल खराबी लगातार अतिरिक्त बिजली खपत का कारण बन सकती है। उदाहरण के तौर पर किसी फैन बॉक्स में इंसुलेशन कमजोर होने या किसी कनेक्शन में समस्या आने पर अनचाहा करंट पाथ बन सकता है।
इसी तरह दीवार के अंदर पुराने जंक्शन, ढीले कनेक्शन या खराब इंसुलेशन भी समस्या पैदा कर सकते हैं। ऐसी खराबियां हमेशा बाहर से दिखाई नहीं देतीं, लेकिन लंबे समय तक बनी रहने पर बिजली की खपत और बिल दोनों बढ़ सकते हैं।
अगर बिल अचानक बढ़ा है, तो सीधे मीटर बदलने के बजाय पहले घर के कुल लोड की जांच कराना समझदारी है। किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से मुख्य उपकरणों, स्विच बोर्ड, प्लग पॉइंट, फैन बॉक्स और संबंधित सर्किट की जांच कराएं।
साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं कोई उपकरण जरूरत से ज्यादा बिजली तो नहीं खींच रहा या किसी सर्किट में असामान्य लीकेज तो नहीं है। जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिकल टेस्टिंग उपकरणों की मदद से फॉल्ट का पता लगाया जा सकता है।
अगर घर की वायरिंग और सभी उपकरण सामान्य पाए जाते हैं, लेकिन मीटर की रीडिंग या इंडिकेटर व्यवहार फिर भी असामान्य दिखाई देता है, तो बिजली वितरण कंपनी से मीटर की आधिकारिक जांच करानी चाहिए।
मीटर में लगातार किसी तरह की असामान्यता दिखाई दे, रीडिंग वास्तविक खपत से मेल न खाए या मीटर का व्यवहार सामान्य न लगे, तो खुद मीटर खोलने या उसमें छेड़छाड़ करने के बजाय अधिकृत विभाग से जांच कराना सुरक्षित विकल्प है।
मीटर की लाल बत्ती का तेजी से ब्लिंक करना अपने आप में मीटर खराब होने का प्रमाण नहीं है। यह अक्सर उस समय हो रही बिजली की खपत से जुड़ा संकेत होता है।
इसलिए बढ़े हुए बिजली बिल की स्थिति में पहले वास्तविक लोड, उपकरणों की खपत और घर की वायरिंग की जांच कराना बेहतर है। अगर इन सभी में कोई समस्या नहीं मिलती, तभी मीटर की आधिकारिक जांच करानी चाहिए।
ध्यान रखें: बिजली की वायरिंग या मीटर से जुड़े किसी भी तकनीकी काम को खुद करने के बजाय योग्य और अधिकृत इलेक्ट्रिशियन की मदद लें। इससे करंट लगने और आग जैसे जोखिमों से बचा जा सकता है।
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