7 Ways to Tell Pearl Is Real: मोती अनमोल होते हैं, पर नकली भी खूब मिलते हैं! असली मोती कैसे पहचानें? दांत, तापमान और चमक से करें पहचान।
real pearl vs fake pearls: मोती (Pearl) प्रकृति का अनमोल तोहफा है, जिसे समुद्री और ताजे पानी के सीप (Oysters और Mussels) के अंदर जैविक रूप से निर्मित किया जाता है। इसकी खूबसूरती और चमक इसे आभूषणों की दुनिया में बेहद खास बनाती है। लेकिन आजकल बाजार में नकली मोती भी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं, जिनकी असली-नकली पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि मोती कैसे बनता है और असली व नकली मोती की पहचान कैसे की जाए।
मोती का निर्माण एक जैविक प्रक्रिया है, जो तब शुरू होती है जब किसी बाहरी कण (जैसे रेत का कण, परजीवी या अन्य पदार्थ) सीप के अंदर प्रवेश कर जाता है। सीप इसे एक खतरे के रूप में देखता है और खुद को बचाने के लिए उस पर कैल्शियम कार्बोनेट और कोंकीलिन (Conchiolin) की परतें चढ़ाने लगता है। ये परतें मोती की खूबसूरत झिलमिलाती सतह (Nacre) बनाती हैं, जो समय के साथ एक चमकदार और कठोर मोती में बदल जाती है। इस प्रक्रिया में 6 महीने से लेकर 5 साल तक का समय लग सकता है।
प्राकृतिक मोती (Natural Pearls): ये समुद्र या नदी में बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के बनते हैं और बहुत दुर्लभ होते हैं।
संस्कृतिकृत मोती (Cultured Pearls): इन्हें कृत्रिम रूप से उगाया जाता है, जिसमें वैज्ञानिक विधियों से सीप के अंदर एक छोटा मोती बीज डाला जाता है, ताकि मोती बनने की प्रक्रिया शुरू हो सके। ये प्राकृतिक मोतियों की तुलना में अधिक सस्ते और आसानी से उपलब्ध होते हैं।
1. दांत टेस्ट (Tooth Test)
असली मोती को हल्के से दांतों के बीच रगड़ने पर हल्की रफनेस महसूस होती है, जबकि नकली मोती चिकने और प्लास्टिक जैसे महसूस होते हैं।
2. तापमान टेस्ट
असली मोती हमेशा ठंडे रहते हैं, जबकि नकली मोती हाथ में लेने पर जल्दी गर्म हो जाते हैं।
3. लाइट टेस्ट (Shine and Reflection Test)
असली मोती में एक नैचुरल चमक (Luster) होती है और जब इसे लाइट में घुमाया जाता है तो यह हल्का रंग बदल सकता है। नकली मोती में यह गहराई और शाइन नहीं होती।
4. परत टेस्ट (Layer Test)
असली मोती के अंदर नैक्रे की कई परतें होती हैं, जिन्हें कटने पर देखा जा सकता है। नकली मोती को काटने पर यह ठोस प्लास्टिक या कांच का दिखाई देता है।
5. गोलाई टेस्ट
असली मोती अक्सर पूरी तरह गोल नहीं होते और उनमें हल्की असमानता हो सकती है, जबकि नकली मोती पूरी तरह गोल और परफेक्ट दिखते हैं।
6. पानी में डालकर टेस्ट करें
असली मोती पानी में डालने पर डूब जाता है, जबकि नकली मोती कई बार हल्का होने के कारण तैरने लगता है।
7. मोती को रगड़ने का टेस्ट (Rub Test)
दो मोतियों को आपस में हल्के से रगड़ने पर असली मोती से हल्का पाउडर जैसा पदार्थ निकलता है, लेकिन नकली मोती एकदम स्मूथ रहते हैं।