
West Bengal Traditional Jewellery: पश्चिम बंगाल का नाम लेते मन में पुचके और जादू-टोना का ख्याल आता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल भी है। ये राज्य जितना अपने स्ट्रीट फूड के लिए फेमस है। उतना ही ज्यादा ज्वेलरी के लिए भी। आपने राजस्थान से लेकर पहाड़ी ज्वेलरी के बारे में खूब सुना होगा लेकिन क्या आप पश्चिम बंगाल की पारंपरिक ज्वेलरी के बारे में जानते हैं? जो यहां की संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है।
पश्चिम बंगाल की सबसे प्रसिद्ध ज्वेलरी में सबसे पहला नाम शाखा पोला चूड़ियों का आता है। ये शंख जिसे शाका कहते हैं और मूंगा यानी पोला से बनकर तैयार होती हैं। इसे केवल शादीशुदा महिलाएं पहनती हैं। कहा जाता है, अगर ये चूड़ियां शादी के वक्त सास अपनी बहू को पहनाती है तो जिंदगी में खुशियां बनी रहती है।
पत्ती हार के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ये भी पश्चिम बंगाल की ट्रेडिशनल ज्वेलरी है। जिसे कई चैनों से मिलकर तैयार किया जाता है। ये दिखने में बिल्कुल पत्तों से लगती है। महिलाएं ये हार दुर्गा पूजा और शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में पहनती हैं।
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शाखा पोला की तरह शंखा पोला भी एक तरह की चूड़ी होती है। इन चूड़ियों का अपना धार्मिक महत्व होता है। हालांकि इसे केवल शंख से तैयार किया जाता है। ये चूड़ियां केवल नई दुल्हनें और सुहागन महिलाएं पहनती हैं।
बंगाली शादी जिसने भी देखी होगी वह मुकुट के बारे में जानता होगा। इसकी बिना पश्चिम बंगाल में दुल्हनों का श्रृंगार अधूरा होता है। इसे प्योर सोने या फिर मोतियों से तैयार किया जाता है। मान्यता है, ये मुकुट समृद्धि और रॉयल्टी का प्रतीक है।
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