माता-पिता बनो, जज नहीं: सिस्टर शिवानी की 5 अमूल्य पेरेंटिंग सीखें

Published : Jun 28, 2025, 10:54 AM ISTUpdated : Jun 28, 2025, 12:08 PM IST
Best Parenting Advice

सार

Best Parenting Advice:हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा आत्मविश्वासी, और संस्कारी बने। लेकिन भागदौड़ और कंपटीशन भरी लाइफ में हम बच्चों की भावनाओं को समझे बिना सिर्फ उनका बिहेवियर सुधारने में लगे रहे हैं, जोकि सिस्टर शिवानी की नजर में गलत है। 

Sister Shivani Parenting Tips: ब्रह्माकुमारी सिस्टर शिवानी जो कि एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं,  उनका मानना है कि एक बच्चे की परवरिश सिर्फ बाहरी चीजों से नहीं, बल्कि इमोशनल और एनर्जेटिक एनवायरमेंट में होती है। इस पर माता पिता का सबसे गहरा असर पड़ता है।यहां हम सिस्टर शिवानी की 5 सबसे पावरफुल पेरेंटिंग टिप्स शेयर कर रहे हैं, जो हर माता-पिता के लिए रास्ता दिखाने वाला साबित हो सकता है।

1.बच्चे वही बनते हैं, जो हम उन्हें बार-बार कहते हैं

सिस्टर शिवानी के अनुसार बच्चों को नालायक, जिद्दी, कमजोर,आलसी जैसे शब्दों से पुकारना उनकी मेंटल पर गहरा असर डालता है। ऐसे शब्द बच्चे के आत्मविश्वास को तोड़ते हैं और उनके भीतर एक निगेटिव छवि बना देते हैं। इसके बजाय माता-पिता को बच्चे के व्यवहार के पीछे के कारणों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। यह तरीका बच्चे के भीतर इमोशनल ट्रीटमेंट को प्रोत्साहित करता है।

2.माता-पिता की ऊर्जा ही बच्चे का पहला स्कूल होती है

सिस्टर शिवानी मानती हैं कि माता-पिता की मेंटल स्थिति सीधे बच्चे की सोच और भावनाओं पर असर डालती है। अगर माता-पिता चिंतित, क्रोधित या तनाव में रहते हैं, तो वही एनर्जी बच्चे तक पहुंचती है। इसलिए वह सलाह देती हैं कि जब भी बच्चे से कुछ कहें, शांत चित्त और बैलेंस कंडीशन में कहें, जिससे बच्चा बिना डर के आपकी बात को समझ सके।

3. अच्छी बातें बोलें

शब्द सिर्फ आवाज नहीं, ऊर्जा होते हैं। हर बार जब आप कहते हैं,‘मेरा बच्चा शांत और आत्मविश्वासी है, तो वो ऊर्जा उस तक पहुंचती है। सिस्टर शिवानी कहती है कि बच्चों के सामने या पीछे भी अच्छी बातें ही उनके बारे में बोलनी चाहिए। सिस्टर शिवानी यह भी कहती हैं कि बच्चे की तुलना किसी और से न करें हर आत्मा की यात्रा अलग होती है।

4.बच्चा जैसा है, वैसा ही श्रेष्ठ है। उसकी तुलना किसी और से मत करो”

जब माता-पिता बच्चे की तुलना उसके भाई-बहन, दोस्तों या पड़ोसियों से करते हैं, तो यह उसके आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाता है। सिस्टर शिवानी बताती हैं कि परवरिश का लक्ष्य यह नहीं है कि बच्चा दूसरों से बेहतर बने, बल्कि वह अपने सर्वोत्तम स्वरूप तक पहुंचे।

5. दिन की शुरुआत शांत और पॉजिटिव तरीके से करें

रोज की दौड़-भाग और हड़बड़ी से भरी सुबह, बच्चे के भीतर तनाव और चिंता का बीज बोती है। अगर हर सुबह घर में हंगामा, जल्दी-जल्दी नाश्ता, किताबें और जूते ढूंढना यही नजारा रहता है, तो यह बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। सिस्टर शिवानी शांत सुबह के महत्व पर जोर देती हैं। सुबह के 5-10 मिनट ध्यान, मौन, पॉजिटिव थॉट्स और धीमे संगीत के साथ बिताने से बच्चा स्कूल जाते समय इमोशनल रूप से बैलेंस रहता है।

कौन हैं ब्रह्माकुमारी सिस्टर शिवानी?

ब्रह्माकुमारी सिस्टर शिवानी फेमस आध्यात्मिक गुरु, मोटिवेशनल स्पीकर और राजयोग टीचर हैं। उन्हें सार्वजनिक रूप से BK शिवानी के रूप में भी जाना जाता है। उनके मोटिवेशनल बातें सुनकर लाखों लोगों अपनी जिंदगी में पॉजिटिव परिवर्तन लेकर आ रहे हैं। एंग्जायटी, डिप्रेशन, रिश्तों की परेशानियों और आत्मसम्मान जैसे विषयों पर लोगों को रास्ता दिखाती हैं।

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