Viral Court Video: ‘Affair मानने वाली पत्नी को क्यों दूं 15000?’ कोर्ट में पति की दलील वायरल

Published : Feb 28, 2026, 05:09 PM IST
Viral Court Video: ‘Affair मानने वाली पत्नी को क्यों दूं 15000?’ कोर्ट में पति की दलील वायरल

सार

Alimony Row: एक वायरल वीडियो में पति ने कोर्ट में पत्नी को ₹15,000 गुजारा भत्ता देने से इनकार किया। उसने पत्नी के विवाहेतर संबंध, अपनी आय, लोन और 2 बच्चों की जिम्मेदारी का हवाला दिया। इस घटना ने गुजारा भत्ता कानूनों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

Extra Marital Affair Claim: तलाक के मामलों में पति की तरफ से पत्नी को दिए जाने वाले गुजारा भत्ते को लेकर विवाद भारत में कोई नई बात नहीं है। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुए एक कोर्ट रूम के वीडियो ने इस मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक पति जज से यह कहता दिख रहा है कि वह अपनी पूर्व-पत्नी को हर महीने 15,000 रुपये का गुजारा भत्ता नहीं दे सकता। पति ने कोर्ट में सवाल उठाया कि जिस पत्नी ने खुद अपना एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर यानी विवाहेतर संबंध होने की बात मानी हो, उसे वह गुजारा भत्ता क्यों दे?

पति ने कोर्ट को बताया कि उसके दो बच्चे हैं, जो नाबालिग हैं और फिलहाल उसी की देखरेख में रहते हैं। उनकी पढ़ाई और दूसरे खर्चों की पूरी जिम्मेदारी उसी पर है। उसने बताया कि उसकी महीने की सैलरी 60,000 रुपये है, जिसमें से 20,000 रुपये 2020 में लिए गए होम लोन की किस्त में चले जाते हैं। बाकी बचे 40,000 रुपये में उसे अपने बच्चों और अपना खर्च चलाना पड़ता है।

इस कपल की शादी 2015 में हुई थी और 2021 में वे अलग हो गए। पति ने कोर्ट में खुलासा किया कि जब पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत के दौरान पत्नी ने खुद यह माना था कि उसका किसी और के साथ अफेयर है। जब जज ने पूछा कि पत्नी के मांगे गए 15,000 रुपये (10,000 रुपये रहने के खर्च और 5,000 रुपये घर के किराए के लिए) देने में क्या दिक्कत है, तो पति ने अपनी सैलरी और लोन की देनदारियों का पूरा ब्योरा दिया। उसका सवाल था कि जो पत्नी नौकरी करती है, खुद कमाती है और जिसने अपना अफेयर भी माना हो, उसे वह पैसे क्यों दे?

 

 

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग जमकर अपनी राय दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे 'लीगल टेररिज्म' (कानूनी आतंकवाद) तक कह दिया। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि 'क्या गुजारा भत्ता धोखे का इनाम है?' लोगों का यह भी कहना है कि गलत कामों के लिए कानूनी सुरक्षा देना समाज में गलत संदेश देता है। इसके साथ ही, मौजूदा कानूनों को जेंडर न्यूट्रल यानी लिंग-भेद से परे सबके लिए बराबर बनाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। हालांकि, वीडियो से यह साफ नहीं है कि यह मामला असल में किस जगह का है।

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