जम्मू कश्मीर में 6 महीने में 14 भाजपा नेताओं की हत्या, जानें कौन है आतंकी संगठन TRF, जिसने ली जिम्मेदारी

Published : Oct 30, 2020, 08:11 AM ISTUpdated : Oct 31, 2020, 08:40 AM IST
जम्मू कश्मीर में 6 महीने में 14 भाजपा नेताओं की हत्या, जानें कौन है आतंकी संगठन TRF, जिसने ली जिम्मेदारी

सार

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में भाजपा के युवा मोर्चा के महासचिव सहित 3 नेताओं की हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 6 महीने में घाटी में आतंकियों ने 14 भाजपा नेताओं की हत्या की है, जिसमें दो आतंकी वारदातें ऐसी हैं, जब आतंकियों ने तीन-तीन नेताओं की जान ले ली।  

श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के कुलगाम में भाजपा के युवा मोर्चा के महासचिव सहित 3 नेताओं की हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 6 महीने में घाटी में आतंकियों ने 14 भाजपा नेताओं की हत्या की है, जिसमें दो आतंकी वारदातें ऐसी हैं, जब आतंकियों ने तीन-तीन नेताओं की जान ले ली। गुरुवार की शाम 8 बजे के करीब तीनों नेताओं की हत्या की खबर सामने आई। मारे गए नेताओं में भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव फिदा हुसैन, उमर रशीद बेग और अब्देर रशीद बेग थे। आतंकियों ने उनपर फायरिंग की।

कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने कुलगाम के वाई के पोरा क्षेत्र का दौरा किया जहां कल आतंकवादियों ने फिदा हुसैन ज़िला भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव सहित 3 भाजपा कार्यकर्ताओं पर गोलीबारी की थी। IG ने बताया, इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा और लोकल मिलिटेंट्स का नाम आ रहा है।
 
अगस्त में हुईं सबसे ज्यादा हत्याएं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल के अगस्त महीने में जम्मू-कश्मीर में भाजपा नेताओं की सबसे ज्यादा हत्या हुई। अगस्त में कश्मीर में पांच नेताओं की हत्या की गई, जिसमें एक सरपंच भी शामिल है। 

TRF ने ली है हमले की जिम्मेदारी
गुरुवार को कुलगाम में तीन नेताओं की हत्या की जिम्मेदारी कश्मीर में सक्रिय नए आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है। हालांकि इस संगठन का कश्मीर में ज्यादा नाम नहीं है। फिर भी इतनी बड़ी आतंकी साजिश रचने में कामयाब हो गया।

कौन है आतंकी संगठन टीआरएफ
टीआरएफ का पूरा नाम द रेजिस्टेंस फ्रंट है। यह पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की कार्रवाई से बचाने के लिए बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पाकिस्तान द्वारा सक्रिय रूप से समर्थित है और मौजूदा आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन, जैश और लश्कर इसकी मदद कर रहे हैं। यह आतंकी संगठन उस वक्त अपने अस्तित्व में आया, जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रूप में बांट दिया।  

जम्मू-कश्मीर में कब-कब हुईं हत्याएं?
6 महीने में जम्मू-कश्मीर में 14 भाजपा नेताओं की हत्याएं हुई हैं। 4 मई को अनंतनाम में अतल गुल मीर की हत्या की गई। 30 जून को शोपियां में गौहर बट की हत्या हुई। 5 जुलाई को पुलवामा में शब्बूर बट की हत्या हुई। इसके बाद 8 जुलाई को वसीम बारी के साथ उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई। वहीं अगस्त के पहले हफ्ते में कुलगाम के सरपंच आरिफ अहमद शाह की हत्या हुई। 7 अगस्त को काजीकुंड में सरपंच सज्जाद अहमद को मार दिया गया। 

10 अगस्त को बडगाम में हमीद नजर की हत्या कर दी गई। 19 अगस्त को सरपंच का अपहरण करके हत्या कर दी गई। 28 अगस्त को शोपियां में शव बरामद हुआ। 7 अक्टूबर को गांदरबल में भाजपा नेता के घर पर आतंकी हमला किया गया, नेता तो बच गए लेकिन पीएसओ मारा गया। 29 अक्टूबर को कुलगाम में तीन भाजपा नेताओं की हत्या की गई।

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