
जयपुर. राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार पर एक बार फिर से संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस साल के शुरू में विश्वाव मत के दौरान अशोक गहलोत की सरकार का साथ देने वाले भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) के दो विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया।
स्थानीय चुनावों में साथ न देने का आरोप
पंचायत समिति चुनावों में कांग्रेस की हार के एक दिन बाद ही भारतीय ट्राइबल पार्टी ने यह फैसला लिया। दोनों विधायकों ने कांग्रेस पर चुनाव में उनका समर्थन नहीं करने का आरोप लगाया। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि राजस्थान में 20 जिला परिषद में 12 भाजपा, 5 कांग्रेस और 3 निर्दलीय उम्मीदवारों को प्रधान के पद के लिए चुना गया।
2018 से अशोक गहलोत के साथ थे विधायक
दोनों विधायकों ने अगस्त में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थन किया था। जब उनकी सरकार को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के विद्रोह के बाद राजनीतिक संकट में डाल दिया था। सचिन पायलट के विद्रोह के कारण महीनों की अनिश्चितता के बाद अशोक गहलोत ने राजस्थान विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित कर दिया था। 2 विधायकों वाली भारतीय ट्राइबल पार्टी अशोक गहलोत का समर्थन 2018 से कर रही है।
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