भारत में कोरोना के खिलाफ अलग अलग स्टेज पर 30 वैक्सीन का काम, पेड़ों के अर्क से भी दवा बनाने की संभावना

Published : May 06, 2020, 12:18 PM IST
भारत में कोरोना के खिलाफ अलग अलग स्टेज पर 30 वैक्सीन का काम, पेड़ों के अर्क से भी दवा बनाने की संभावना

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस वैक्सीन के विकास पर टास्क फोर्स की एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वैक्सीन विकास, ड्रग्स की खोज, टेस्टिंग और डायग्नोसिस में भारत के प्रयासों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। 

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस वैक्सीन के विकास पर टास्क फोर्स की एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वैक्सीन विकास, ड्रग्स की खोज, टेस्टिंग और डायग्नोसिस में भारत के प्रयासों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के बाद ये बताया गया कि देश में कोरोना की 30 वैक्सीन के डेवलपमेंट का काम अलग-अलग स्टेज पर है। इनमें से कुछ का ट्रायल भी शुरू होने वाला है।

कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए तीन काम हो रहे हैं
भारत में कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए तीन काम किए जा रहे हैं। पहला कि अभी जो दवाएं मौजूद हैं, उनके इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इस कैटेगरी में चार दवाओं की जांच की जा रही है। दूसरा नई दवाओं और मॉलिक्यूल तैयार किए जा रहे हैं। तीसरा पेड़ों के अर्क और उत्पादों में एंटी-वायरस की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। 

पीएम मोदी ने जताई संतुष्टी
पीएम मोदी ने कहा, एकेडमिक से जुड़े लोगों, इंडस्ट्री और सरकार की कोशिशों के अच्छे नतीजे आ रहे हैं। ऐसी तेजी और तालमेल रुटीम काम से जल्द ही नतीजे आएंगे।  

स्टार्ट-अप में रिसर्च बढ़ाने की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा, लैब में दवा बनाने और टेस्टिंग पर हैकाथन होना चाहिए। इसके विजेता को आगे रिसर्च के लिए स्टार्ट-अप कंपनियों में मौका दिया जाना चाहिए। 

इजरायल के बाद इटली ने किया दवा खोजने का दावा
कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए दुनिया के तमाम देश लगातार वैक्सीन की खोज में जुटे हैं। कई देशों में वैक्सीन को लेकर ट्रायल चल रही है। वहीं, महासंकट के बीच इटली ने दावा किया है कि उसने इसकी वैक्सीन की खोज कर ली है। इटली की सरकार ने दावा किया है कि उसने ऐंटी बॉडीज को ढूंढ निकाला है जिसने मानव कोशिका में मौजूद कोरोना वायरस को खत्म कर दिया है।

चूहे में एंटी बॉडीज तैयार किए गए
साइंस टाइम्स में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है, 'रोम की संक्रामक बीमारी से जुड़े स्पालनजानी हॉस्पिटल में टेस्ट किया गया है और चूहे में एंटी बॉडीज तैयार किया गया। इसका प्रयोग फिर इंसान पर किया गया और इसने अपना असर दिखाया।'

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