
नई दिल्ली. दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में हुए आगलगी की घटना में अब तक 43 लोगों के मौत हो चुकी है। आग में फंसे अधिकांश लोगों का अभी भी कोई पता नहीं मिल सका है। घटनास्थल व अस्पताल परिसर के बाहर अपनों की तलाश में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आगलगी की इस घटना में तीन मंजिला इमारत में फंसे लोगों के बारे में न तो अस्पताल से कोई जानकारी मिल पा रही है और ना ही प्रशासन की तरफ से कोई जानकारी सामने आ रही है।
पिता की तलाश कर रही बेटी
रविवार के तड़के सुबह 5 बजे अनाज मंडी में हुए इस हादसे में एक तस्वीर सामने आई है। जिसमें एक बेटी अपने पिता की तलाश में मारे मारे फिर रही है। और लोगों से अपने पिता व रिश्तेदार के बारे में जानकारी देने की गुहार लगा रही है। जानकारी के मुताबिक यह बेटी अपने 65 वर्षीय पिता जियाउनल हक और बहन के पति अब्बास को खोज रही है। पीड़िता ने बताया कि उसके पिता और छोटी बहन का पति अब्बास दोनों कई वर्षों से यहां काम कर रहे थे। इस हादसे के बाद उनके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
पांच अस्पतालों में रखे गए घायल
तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में घायलों को 5 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां सभी का इलाज जारी है। बताया जा रहा कि इस हादसे में 100 से अधिक लोग घायल हुए है। जिन्हें सफदरजंग, लोकनायक समेत अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
शार्ट सर्किट की वजह से लगी आग
आग शॉर्ट सर्किट की वजह से दूसरी मंजिल के मुख्य दरवाजे के पास लगी थी। जिस समय आग लगी उस वक्त मुख्य दरवाजे का शटर बंद था। इसके चलते फैक्टी में सो रहे लोग आग के बीच बुरी तरह से फंस गए और बाहर भाग नहीं पाए। ऐसे में दम घुटने से 43 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने पिछे की खिड़की के जाल को काटकर लोगों को रेस्क्यू किया। खास बात यह है कि फैक्ट्री में एक ही गांव के 30 लोग सो रहे थे।
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