
चेन्नई. तमिलनाडु में शनिवार को एक बेटा जन्म देने वाली मां से 41 साल बाद मिलने में कामयाब हुआ। डेनमार्क में रहने वाले डेविड नील्सन पिछले 6 साल से अपनी मां धनलक्ष्मी को खोजने में जुटे थे। नील्सन और धनलक्ष्मी एक दूसरे को देखकर भावुक हो गए।
दरअसल, गरीबी के कारण धनलक्ष्मी ने जन्म के वक्त ही बेटे को अनाथ आश्रम में डाल दिया था। दो साल तक नील्सन वहीं रहे, इसके बाद डेनमार्क में रहने वाले एक परिवार ने उन्हें गोद ले लिया।
धनलक्ष्मी भी शेल्टर होम में रहीं थीं
1976 में धनलक्ष्मी ने जब डेविड को जन्म दिया था तो उन्हें एक शेल्टर होम में रख दिया था। कुछ वक्त तक धनलक्ष्मी एक और बेटे के साथ वहीं रहीं। लेकिन बाद में शेल्टर होम के अधिकारियों ने भी उन्हें वहां से निकलने को कहा।
धनलक्ष्मी जब बेटे से मिलने पहुंची तो वह वहां नहीं था
एक दिन जब धनलक्ष्मी बेटे से मिलने पहुंची तो उन्हें बताया गया कि डेनमार्क के एक परिवार ने उसे गोद ले लिया। हालांकि, डेनमार्क से उस परिवार ने डेविड की मां को एक फोटो भेज दी थी।
शेल्टर होम का था पता, लेकिन वह भी काफी साल पहले बंद हो चुका था
कई साल बीत जाने के बाद डेविड मां को खोजने के लिए निकले। उनके पास एक फोटो और शेल्टर होम का पता था। हालांकि, शेल्टर होम 1990 में ही बंद हो चुका था। डेविड 39 साल बाद मां को खोजने के लिए चेन्नई पहुंचे। यहां उन्होंने ऐक्टिविस्ट अरुण दोहले से मुलाकात की और मां को खोजने लगे। 6 साल बाद डेविड ने इस महीने मां से मुलाकात की।
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