
नई दिल्ली. बीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में गिरफ्तार कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि उसके संबंध कई प्रभावी लोगों के साथ हैं और वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
जांच एजेंसियों ने मिशेल की जमानत याचिका पर विरोध जताया
जांच एजेंसियों ने मिशेल की जमानत याचिका का लिखित में विरोध करते हुए कहा कि उसे बेहद मुश्किलों का सामना करके भारत प्रत्यार्पित किया गया है और अगर उसे जमानत दी गई तो उसके न्याय की जद से भागने की पूर्ण आशंका है क्योंकि उसकी जड़ें यहां नहीं हैं।
कोर्ट ने सुनवाई के लिए 26 फरवरी की तारीख तय की है
न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 26 फरवरी की तारीख तय की है। मिशेल को 2018 में गिरफ्तार किया गया था। वह पांच जनवरी, 2019 से ही न्यायिक हिरासत में जेल में है। निचली अदालत ने उसे दोनों मामलों में जमानत देने से इंकार कर दिया है। वह निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंचा है।
एजेंसियों ने कहा है कि मिशेल का प्रभावी और शक्तिशाली लोगों के साथ करीबी संबंध है और उसकी पहुंच नौकरशाही और कार्यकारी तक भी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बात रिकॉर्ड पर है कि आवेदक का ब्रिटिश उच्चायोग में प्रभाव है।’’
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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