
नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने मंगलवार को कहा कि हम आज भी 44 साल पुराने मिग-21 लड़ाकू विमान उड़ा रहे हैं, इतनी पुरानी तो कोई कार भी नहीं चला सकता। वायुसेना द्वारा बालाकोट में हुई स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के एफ-16 विमानों ने भारतीय सीमापार कर हमला करने की कोशिश की थी। एफ-16 को खदेड़ने के लिए भारत ने चार दशक पुराने मिग-21 का इस्तेमाल किया था। इसके बाद भारत की डिफेंस फ्लीट में मिग-21 के शामिल रहने को लेकर सवाल उठे थे।
धनोआ ने कहा, हम आज भी 44 साल पुराने मिग-21 को उड़ा रहे हैं। उस वक्त की कोई कार भी आज इस्तेमाल नहीं कर रहा है। धनोआ भारतीय एयरफोर्स के आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। मिग 1973-74 में वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया था।
'कोई देश इतना पुराना फाइटर जेट नहीं उड़ा रहा'
उन्होंने कहा कि मिग-21 अभी भी वायुसेना की रीढ़ की हड्डी है। दुनिया में शायद की कोई देश इतना पुराना फाइटर जेट उड़ा रहा है। हमारे पास विकल्प के तौर पर कोई विमान नहीं है। इन परिस्थितियों के बावजूद वायुसेना ना सिर्फ देश की हिफाजत करती है, बल्कि दुश्मन देश की चुनौतियों का जवाब भी देती है। उन्होंने कहा कि रूसी विमान मिग-2 का बेसिक वर्जन इस साल धीरे-धीरे बाहर कर दिया जाएगा।
मिग-21 का अपग्रेड वर्जन उड़ा रहे थे अभिनंदन
विंग कमांडर अभिनंदर, जिन्होंने मार पाकिस्तान का एफ-16 विमान मार गिराया था, वे मिग-21 का अपग्रेड वर्जन मिग-21 बिसन उड़ा रहे थे। 2006 में 110 लड़ाकू विमानों को मिग-21 बिसन में अपग्रेड किया गया था। इसे शक्तिशाली मल्टी-मोड रडार, बेहतर एवियोनिक्स और संचार प्रणालियों से लैस किया गया था। हालांकि, हाल ही में मिग-21 के दुर्घटनाग्रस्त होने की कई खबरें सामने आई हैं।
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