पश्चिम बंगाल से टकराया अम्फान तूफान, दिन में हुई रात, 180km की स्पीड से 4 घंटे तक चलेंगी हवाएं

Published : May 20, 2020, 07:53 AM ISTUpdated : Feb 02, 2022, 10:37 AM IST
पश्चिम बंगाल से टकराया अम्फान तूफान, दिन में हुई रात, 180km की स्पीड से 4 घंटे तक चलेंगी हवाएं

सार

प्रचंड चक्रवाती तूफान 'अम्फान' शाम 4 बजे सुंदरबन के पास 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल के तट पर टकराया। मौसम विभाग के मुताबिक तकरीबन 4 घंटे तक इसका असर रहेगा। इस दौरान तटीय इलाकों में जोरदार बारिश भी हो रही है। तूफान को देखते हुए एहतियातन कोलकाता एयरपोर्ट को गुरुवार सुबह 5 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है। 

कोलकाता. पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में प्रचंड चक्रवाती तूफान 'अम्फान' आज शाम 4 बजे बंगाल के तट से टकराया। इस दौरान इसकी स्पीड 180 किमी प्रति घंटा थी। अम्फान के कहर के कारण बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों में भारी बारिश हो रही है और समुद्र में चार-पांच मीटर ऊंची लहरें उठे रही हैं। 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा सुपर साइक्लोन है। अभी समुद्र में इसकी हवा की गति 200-240 किमी प्रति घंटे है। वहीं, तूफान को देखते हुए गुरुवार सुबह 5 बजे तक के लिए कोलकाता एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। 

ओडिशा में भी तूफान का असर 

ओडिशा के भद्रक में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि ओडिशा में तटों से टकराने से पहले इसकी प्रचंडता कुछ कम होगी और हवाओं की गति निरंतर 155 से 165 किलोमीटर प्रति घंटे बनी रहेगी जो बीच-बीच में प्रति घंटे 180 किलोमीटर की रफ्तार पकड़ सकती है। इसके साथ ही राज्य के चांदीपुर में तेज बारिश हो रही है। 

1.19 लाख लोगों को कैंपों में किया गया शिफ्ट 

चक्रवाती तूफान बंगाल के दीघा तट पहुंच गया है। सुबह 8:30 बजे यह मात्र पारादीप टत से 120 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण पूर्व में था। यह सुंदरवन के पास है।  तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा में 1704 कैम्प बनाए गए हैं। साथ ही 1,19,075 लोगों को तटिए इलाके से दूर ले जाया गया है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के साथ ही सिक्किम और मेघालय के लिए भी अलर्ट जारी किया है। ओडिशा और बंगाल में कई जगहों पर आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई है। 

क्या है तैयारी ?

अम्फान तूफान को लेकर स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम द्वारा तैयारियां की गई। एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा है कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में एनडीआरएफ की 41 टीमें तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि कई दशकों बाद ऐसा सुपर साइक्लोन आ रहा है जिसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा, ओडिशा में 15 टीमों और पश्चिम बंगाल में 19 टीमों को जमीन पर तैनात किया गया है। सात टीमों को स्टैंडबाई पर रखा गया है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट किया जा सकता है।

तूफान से ओडिशा और बंगाल में कितने जिले प्रभावित हैं?

ओडिशा के 9 जिले पुरी, गंजाम, जगतसिंहपुर, कटक, केंद्रापाड़ा, जाजपुर, गंजाम, भद्रक और बालासोर प्रभावित हैं। पश्चिम बंगाल के तीन तटीय जिले पूर्वी मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना के साथ ही हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर इसका असर नजर आएगा।

तूफान से निपटने के लिए नेवी ने क्या इंतजाम किए?

श्चिम बंगाल और ओडिशा में 20 जैमिनी बोट के साथ रेस्क्यू और मेडिकल टीम को तैयार रखा है। विशाखापट्टनम में आईएनएस देगा और अरकोणम में आईएनएस रजाली में नेवल एयरक्राफ्ट को किसी भी परिस्थिति में तैयार रहने को कहा है। पूर्वी नेवल कमांड ने कहा है कि हम साइक्लोन के दौरान जरूरी मदद देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राहत कार्यों के लिए नौसेना के जहाज स्टैंडबाय पर हैं। यह प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने, सामान पहुंचाने और जरूरी मेडिकल सहायता देने के काम करेंगे।

लोगों को हिदायत- घरों में रहें, समुद्र किनारे जाने से बचे 

मौसम विभाग का कहना है कि यह कई प्रकार का नुकसान पहुंचाने वाली प्राकृतिक आपदा है। इसमें तेज हवा, भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। ऐसे में लोग घर से बाहर न निकलें। समुद्री किनारों से दूर रहें। बोटिंग, फिशिंग और शिपिंग न करें। कच्चे घर, बिजली के खंभों, पावर लाइन और रेलवे सुविधाओं को नुकसान होने की आशंका है। रोड और रेल नेटवर्क को बंद किया जाए या डायवर्ट किया जाए। 

एनडीआरएफ का कहना है कि प्रभावित होने वाले जिलों में लोगों को एसएमएस से अलर्ट किया जा रहा है। मोबाइल कंपनियों को पर्याप्त मात्रा में डीजी सेट, जेनरेटर, पार्ट्स और पावर इक्विपमेंट तैयार रखने के लिए कहा गया है। चक्रवात से किसी मोबाइल कंपनी के टॉवर या केबल को नुकसान पहुंचा तो उपभोक्ता को दूसरी कंपनी के टॉवर से सुविधा दी जाएगी।

कई जिलों में कंट्रोल रूम

स्थिति की समीक्षा करने के लिए पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। कोलकाता के अरण्य भवन में एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। कोलकाता पुलिस हर घंटे हालात पर नजर रखे हुए है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित डॉप्लर वेदर रडार की मदद से भी साइक्लोन पर नजर रखी जा रही है।

ममता बनर्जी ने खुद संभाला मोर्चा 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रातभर कंट्रोल रूम से तूफान पर नजर रखेंगी। अब तक 3 लाख लोगों को तटीय इलाके से निकाल कर शरणार्थी शिविरों में पहुंचाया गया है। बंगाल सरकार ने गुरुवार तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रोकने की मांग की थी। यहां लोगों को एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजा जा रहा है। इलाके खाली करने के लिए टॉवर सायरन भी बजाए जा रहे हैं। तूफान मंगलवार सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा। तूफान के हालात पर गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की।

मानसून पर पड़ेगा असर 

21 सालों में पहली बार आ रहे सुपर साइक्लोन अम्फान का असर मॉनसून पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून आने में कुछ समय की देरी हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि पहले मॉनसून के 1 जून तक आने की संभावना थी लेकिन अब अम्फान साइक्लोन की वजह से कुछ दिनों और लग सकते हैं। वहीं, केरल में भी मॉनसून के देर से पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि केरल में इस बार मॉनसून देर से पहुंचेगा। मौसम विभाग ने बताया कि केरल में इस साल मॉनसून पांच जून तक आ सकता है। 

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