
नागपुर. भारत में चाय सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली पेय है। भारत में खास तरह से उगाई जाने वाली चाय आज पूरे विश्व में पहचानी जाती है, लेकिन अब देश के कुछ स्टार्टअप इस चाय को नए रंग और फ्लेवर के साथ लोगों के सामने पेश कर रहे हैं, जिसे बड़े पैमाने पर पसंद भी किया जा रहा है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है दिल्ली के रहने वाले NRI जगदीश कुमार ने, जिन्होंने चाय को कईं नए फ्लेवर्स के साथ लोगों के सामने पेश किया है। इतना ही नहीं, जगदीश ने चाय बेचकर करीब 8 महीने में 1.2 करोड़ रूपये का मुनाफा कमाया है।
जगदीश ने भोपाल के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट से ग्रैजुएशन की है। इसके कुछ सालों बाद ही वह न्यूजीलैंड चले गए थे। जगदीश कुमार न्यूजीलैंड के हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम कर रहे थे। लाखों में सैलरी थी, 15 साल तक उन्होंने वहीं काम किया और फिर साल 2018 में वे भारत आ गए। भारत आने के बाद जगदीश ने महाराष्ट्र के नागपुर से अपने व्यवसाय की शुरूआत की थी।
'मेक इन इंडिया' से प्रभावित हुए जगदीश
जिस समय जगदीश न्यूज़ीलैंड में व्यवसाय कर रहे थे तब उनके पास वहाँ का ग्रीन कार्ड भी था, लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम ने इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपने देश में ही कुछ नया करना स्टार्ट अप करने को सोचा और आज वे अपने इस व्यवसाय में नईं ऊंचाईयों को छू रहे हैं।
'निराशा से जागी एक नई उम्मीद'
जगदीश करीब एक साल पहले जब न्यूज़ीलैंड से भारत वापस आए तब उन्होंने अपनी चाय के साथ नागपुर में अपने कॉर्पोरेट्स ऑफिस में काफी प्रयास किए कि उन्हें कैसे भी वहां एंट्री मिल जाए, लेकिन जगदीश ने चाय बनाने के लिए जरूरत के सामान को इकट्ठा कर उनके ऑफिस के बाहर ही चाय की दुकान लगाना शुरू कर दिया। इस चाय को खूब पसंद किया जा रहा था। फिर कुछ दिन बाद जगदीश ने अपनी दुकान में ‘NRI चायवाला’ का बैनर लगाया, जो लोगों को खूब पसंद आने लगा। लोगों की दिलचस्पी जगदीश और उनकी दुकान दोनों में ही बढ़ने लगी और इस दौरान लोगों ने उन्हे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।
इम्यूनिटी बूस्टर चाय भी बनाते हैं जगदीश
जगदीश अभी कई और तरह की चाय पर आर एंड डी कर रहे हैं जिसमें वे नए फ्लेवर्स के साथ आएंगे। चाय की नई वैराइटी में जगदीश त्वचा को स्वस्थ रखने वाले प्राकृतिक तत्वों का भी उपयोग करने वाले हैं। जगदीश का दावा है कि उनके पास इम्यूनिटी बूस्टर चाय भी है, जिसमें मुलेठी, अदरख, हल्दी और काढ़ा आदि का उपयोग किया जाता है। जगदीश का कहना है कि कोरोना वायरस की शुरुआत के साथ ही उन्होने इस दिशा में आर एंड डी पर काम तेजी से शुरू कर दिया था और देश में कोरोना बढ़ने के साथ उनकी इस चाय को खूब पसंद भी किया गया है।
कईं चुनौतियों का किया सामना
जगदीश एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां कभी किसी ने पहले व्यापार नहीं किया है। उनके अनुसार उन्हे शुरुआत से ही अपने फैसले खुद लेने पड़े, क्योंकि उन्हे कोई गाइड करने वाला कोई नहीं था। शुरुआती दिनों में जगदीश ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की जिसके बाद उनकी नौकरी अच्छी सैलरी पर पीवीआर में लग गई थी, जो मेरे घर से महज 5 किलोमीटर दूरी पर था, लेकिन मैंने उसे ठुकराते हुए महज 34 सौ रुपये की एक दूसरी नौकरी ली, क्योंकि मुझे वहाँ सीखने के लिए काफी कुछ मिल रहा था।”
चाय के साथ इनोवेशन
NRI चायवाला ने बड़ी ही अनूठे ढंग से अपने विभिन्न फ्लेवर्स वाली चाय के नाम रखे हैं। मम्मी के हाथ वाली चाय, प्यार मोहब्बत वाली चाय और उधार वाली चाय, ये कुछ फ्लेवर के अनूठे नाम हैं, जिन्हें इनके नामों के अनुसार ही तैयार किया गया है। चाय की इन सभी वैराइटी में कुछ खास मसाले भी डाले जाते हैं, जो जगदीश के अनुसार ‘सीक्रेट’ हैं।
इसी के साथ जगदीश अब टी लीफ को भी भारत और वैश्विक बाज़ार में उसे लांच करने की ओर बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप द्वारा तैयार की गई योग माया चाय में 35 तरह की हर्ब्स और स्पाइस का मिश्रण डाला गया है, इसी के साथ स्टार्टअप निरोग्य चाय और बच्चों के लिए भी खास तरह की किड्स चाय को भी विकसित करने का काम किया है। जगदीश का दावा है कि इस चाय को लोगों को शारीरिक तौर पर लाभ देने के लिए तैयार किया गया है।
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