
श्रीनगर. विदेशी राजनयिकों का एक जत्था जम्मू कश्मीर के दो दिन के दौरे पर है। दोरे के दूसरे दिन भारतीय सेना ने राजनयिकों को जम्मू कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। इसी के साथ सेना ने आतंक परस्त पाकिस्तान का भी पूरा काला चिट्ठा विदेशी राजनयिकों के सामने रख दिया।
सेना ने राजनयिकों को बताया कि कैसे पाकिस्तान घुसपैठ कराता है। 1948 में बारामूला में अत्याचारों में पाकिस्तान की क्या भूमिका थी। किस तरह से आतंकी टनल का इस्तेमाल करते हैं, कितने पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ की फिराक में मारे गए। इसके साथ ही सेना ने बताया कि कैसे पाकिस्तान सोशल मीडिया के जरिए आतंकियों की भर्ती करते हैं।
सेना ने खोली पाकिस्तान की पोल
भारतीय सेना ने बताया कि कैसे वे आतंकियों का आत्मसमर्पण कराते हैं। पाकिस्तान की सेना की मदद से कैसे एलओसी पर घुसपैठ कराई जाती है। आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप और पाकिस्तान द्वारा हथियारों की सप्लाई के बारे में भी सेना ने विदेशी राजनयिकों को विस्तार से जानकारी दी।
पत्थरबाजी की घटना में हुई कमी
सेना ने विदेशी राजनयिकों को बताया कि आर्टिकल 370 हटने के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कोई जनहानि नहीं हुई है। इसके अलावा पत्थरबाजी की घटना में भी कमी आई है। डीडीसी के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हुए हैं। इशके अलावा जम्मू कश्मीर और लद्दाख में सेना के 44 गुडविल स्कूलों में 10 हजार से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं।
जम्मू कश्मीर में यूरोप और अफ्रीका के देशों के 20 राजनयिक आए हैं। इससे पहले बुधवार को राजनयिक डल झील का नजारा लेने पहुंचे थे।
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