
नई दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने साल की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, तीनों सेनाओं में तालमेल सबसे ज्यादा जरूरी है। भविष्य में युद्ध नेटवर्क आधारित होंगे। सेनाओं को भविष्य के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा, रक्षा स्टाफ के प्रमुख (सीडीएस) का गठन और सैन्य मामलों के विभाग का निर्माण एकीकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है और हम अपनी ओर से यह सुनिश्चित करेंगे कि यह सफल हो। सेना के रूप में हम भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं और हमें हर समय अपने सभी कामों में इसका मार्गदर्शन लेते हैं।
"सरकार आदेश दे तो पीओके पर भी हमारा कब्जा होगा"
पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों के सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर अखंड भारत का हिस्सा है। अगर संसद यह चाहती है कि क्षेत्र (पीओके) भी हमारे क्षेत्र में शामिल हो। इससे संबंधित आदेश जब भी आएगा, हम उचित कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
"क्वान्टिटी नहीं, क्वालिटी पर फोकस करेंगे"
उन्होंने कहा, हमें फ्यूचर वॉर के लिए तैयार रहना है। जो नेटवर्क आधारित होगा। हम क्वालिटी पर फोकस करेंगे ना कि क्वान्टिटी पर। चाहे नए उपकरण हो या फिर रिक्रूटमेंट, हम क्वॉलिटी पर फोकस करेंगे।
भविष्य के लिए होगी ट्रेनिंग
उन्होंने कहा कि हम सेना के भविष्य के लिए ट्रेनिंग देंगे। भविष्य में जिस तरह से युद्ध होगा, उसके लिए सेना को पहले से ही तैयार किया जाएगा।
गुरुवार को सियाचिन पहुंचे थे जनरल नरवणे
पूर्व सेना प्रमुख विपिन रावत के इस्तीफे के बाद नरवणे को 31 दिसंबर को सेना प्रमुख बनाया गया। सेना प्रमुख बनने के बाद पहली बार जनरल नरवणे गुरुवार को दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित युद्धक्षेत्र सियाचिन पहुंचे। इस्तीफे के बाद जनरल विपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बनाए गए।
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