
नई दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे स्थिति का जायजा लेने के लिए लद्दाख पहुंचे हैं। वरिष्ठ फील्ड कमांडर उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के जमीनी हालात की जानकारी देंगे। अपने इस दो दिवसीय दौरे के दौरान सेना प्रमुख सैनिकों की ऑपरेशनल तैयारियों का भी मुआयना करेंगे।
15 जून को भारत और चीन सैनिकों के बीच हुई थी हिंसक झड़प
15 जून को गलवान में हुई हिंसा के बाद से दोनों देशों के बीच कई स्तर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन इस सबकी आड़ में चीन घुसपैठ करने की कोशिश में जुटा है। बताया जा रहा है कि 01 सितंबर को भी चीन की ओर से 7-8 बड़े वाहन भारतीय सीमा की ओर आने लगे थे, लेकिन चेपूजी कैंप के पास तैनात भारतीय सैनिकों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
तीन दिन में 3 बार की घुसपैठ की कोशिश
01 सितंबर : चीनी सेना के 7-8 बड़े वाहनों ने घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन चेपूजी कैंप के पास तैनात भारतीय जवानों ने चीनी सेना को आगे नहीं बढ़ने दिया। इसके इलाके में अब भारत ने अपनी सेना तैनात कर दी है। हालांकि, भारतीय सेना ने इसे रूटीन पेट्रोलिंग का हिस्सा बताया।
31 अगस्त : चीनी सेना ने ब्लैक टॉप के पास घुसपैठ करना चाहते थे। लेकिन भारतीय सैनिकों की चेतावनी के बाद वे वापस लौट गए।
29-30 अगस्त: 29-30 अगस्त की रात को चीन ने पैंगोंग इलाके में घुसपैठ की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय सेना ने जवानों ने चीन की इस कोशिश को नाकाम कर दिया और चीनी सैनिक वापस लौट गए।
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