सुप्रीम कोर्ट के लिए भी एतिहासिक है अयोध्या मामले का फैसला

Published : Nov 09, 2019, 11:21 PM IST
सुप्रीम कोर्ट के लिए भी एतिहासिक है अयोध्या मामले का फैसला

सार

राजनीतिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील अयोध्या मामले पर आया फैसला एक से ज्यादा मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि शीर्ष अदालत के 69 साल के इतिहास में शनिवार को सुनाया जाने वाला संभवत: यह पहला फैसला है।

नई दिल्ली. राजनीतिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील अयोध्या मामले पर आया फैसला एक से ज्यादा मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि शीर्ष अदालत के 69 साल के इतिहास में शनिवार को सुनाया जाने वाला संभवत: यह पहला फैसला है। शीर्ष अदालत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि न्यायमूर्ति सोमवार से शुक्रवार तक सप्ताह में पांच दिन मुकदमों की सुनवाई करते हैं। विशेष परिस्थितियों में न्यायालय में शनिवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी सुनवाई होती है। लेकिन संभवत: यह पहली बार था जब भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने शनिवार को इतना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

संभवतः शनिवार को पहली बार आया फैसला 
प्रधान न्यायाधीश के पीपीएस एच.के. जुनेजा ने कहा, ‘‘विशेष परिस्थितियों में न्यायालय में शनिवार, रविवार और यहां तक की रात में भी सुनवाई हुई है। लेकिन, मुझे यह याद नहीं है कि कभी कोई फैसला शनिवार को सुनाया गया है, संभवत: यह उन दुर्लभ पलों में से एक है।’’ उन्होंने छह दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाने से जुड़ी एक घटना को याद करते हुए कहा कि जब भारत के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश एम.एन. वेंकटचलैया ने शाम को अपने आवास पर विशेष बैठक की थी जिसमे शीर्ष अदालत ने 16वीं सदी की मस्जिद की रक्षा करने का वादा नहीं निभा पाने को लेकर उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की आलोचना भी की थी।

130 साल से चला आ रहा विवाद खत्म 
सदी से भी ज्यादा पुराने इस विवाद पर शनिवार को फैसला सुनाते हुए उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या की विवादित जमीन पर सरकार की ओर से गठित न्यास की निगरानी में राम मंदिर बनाने को कहा और साथ ही कहा कि अयोध्या में ही मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन खोजी जाए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने भारतीय इतिहास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस व्यवस्था के साथ ही करीब 130 साल से चले आ रहे इस संवेदनशील विवाद का पटाक्षेप कर दिया। पीठ ने कहा कि 2.77 एकड़ की विवादित भूमि का अधिकार राम लला की मूर्ति को सौंप दिया जाये, हालांकि इसका कब्जा केन्द्र सरकार के रिसीवर के पास ही रहेगा।

(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है, एसियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

सीमा पार से फिर साजिश? जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ के बाद LoC पर हाई अलर्ट
ISRO: क्या है 'अन्वेषा' जिसके लॉन्च होते ही आएगी आतंकियों की शामत, क्यों है खास