
नई दिल्ली. राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को विधायक बृजेश मेरजा ने भी इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले पार्टी के दो विधायकों ने गुरुवार को इस्तीफा दिया था। विधायक अक्षय पटेल और जीतू चौधरी ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि दोनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। अक्षय पटेल बड़ोदरा जिले से पहली बार विधायक बने थे, वहीं जीतू चौधरी चार बार विधायक रह चुके हैं। दो महीने पहले भी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा था जब 5 विधायकों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी थी। कांग्रेस के पास अब केवल 62 विधायक बचे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परेश धनाड़ी ने भाजपा को विधायक खरीदने की दुकान कहा है।
मार्च में इन विधायकों ने छोड़ा था साथ
इससे पहले मार्च में कांग्रेस के 5 विधायकों प्रवीण मारू, मंगल गावित, सोमाभाई पटेल, जेवी काकड़िया और प्रद्युम्न जडेजा ने इस्तीफा दे दिया था। गुरुवार को दो विधायक अक्षय पटेल और जीतू चौधरी ने इस्तीफा दे दिया। जब मार्च में पहली बार कांग्रेस में बगावत शुरू हुई तो पार्टी ने बाकी विधायकों को राजस्थान के एक रिसॉर्ट में रख दिया था। उसी वक्त मध्यप्रदेश में भी सियासी उठापटक चल रही थी और ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के अलग हो जाने से कमलनाथ सरकार गिर गई थी।
19 तारीख को होगा चुनाव
प्रदेश में खाली हुई राज्यसभा की चार सीटों के लिए 19 जून को चुनाव कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने फरवरी में इसकी घोषणा की थी। गुजरात में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 66 बची है। पिछले तीन महीने में पार्टी के 7 विधायकों ने इस्तीफा दिया है। कांग्रेस के 2 विधायकों के इस्तीफे के बाद भाजपा के तीसरे उम्मीदवार नरहरी अमीन की दावेदारी मजबूत हुई है। अमीन ने भारतीय ट्राइबल पार्टी के 2 और एनसीपी के एक विधायक के समर्थन का दावा किया है।
कांग्रेस ने उतारे हैं दो प्रत्याशी
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो उम्मीदवारों- शक्ति सिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा है। गोहिल को पहली वरीयता का वोट मिलेगा और उनका राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना निश्चित है, लेकिन भरत सिंह सोलंकी का भविष्य अधर में लटका है।
भाजपा के लिए राहत भरी खबर
चुनाव में अब भाजपा का पलड़ा भारी राज्य से राज्यसभा के लिए 4 सीटों पर नेता चुने जाएंगे। इनके लिए भाजपा के तीन और कांग्रेस के दो उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है। अब तक के गणित के लिहाज से भाजपा सिर्फ दो सीटें ही जीत सकती थी। कांग्रेस के 8 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब तीसरी सीट पर भी उसका पलड़ा भारी होता दिख रहा है।
यह है पूरा गणित
राज्य सभा का गणित राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 103 और कांग्रेस के 66 विधायक चुने गए थे। 9 सीटें खाली हैं। भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के 2 और एनसीपी का एक विधायक है। इन तीनों विधायकों का भी अभी तक कांग्रेस को समर्थन था। इस लिहाज से कांग्रेस के पास अभी तक कुल 69 विधायक हो रहे थे। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 वोट की दरकार होगी। ऐसे में कांग्रेस 2 सीटें आसानी से जीतने की उम्मीद में थी।
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