
भीलवाड़ा (राजस्थान). आए दिन सोशल मीडिया पर सैकड़ों झूठे मैसेज वायरल होते रहते हैं। जिन्हें लोग सच मान कर उनके वहकावे में आ जाते हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला राजस्थान के भीलवाड़ा में सामने आया है। जहां एक नाबालिग बच्चे की कोठियां की खारी नदी में डूबने से मौत हो जाती है। बच्चे को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लेकिन परिजनों ने अंधविश्वास में पड़कर मृत बच्चे को जिंदा करने की ठान ली और मासूम के शव को नमक के ढेर में दबा दिया।
व्हाट्सएप पर आए मैसेज को घरवालों ने मान लिया सच
दरअसल कुछ दिनों से व्हाट्सएप एक मैसेज वायरल हो रहा है। जिसमें लिखा है, 'अगर किसी की डूबने से मौत हो जाती है तो शव का दाह संस्कार नहीं करें, बल्कि 3 घंटे तक उसे नमक में रखेंगे तो सांसें फिर से चलने लगेंगी'।
पांच घंटे तक नमक में दबाकर रखी बेटे की लाश
मैसेज को सच मानकर परिजनों ने बेटे के शव को पांच घंटे तक नमक में दबाकर रखा। रात आठ बजे तक परिजन बैठे रहे, लेकिन सांसें नहीं चलीं।
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