
कोलकाता. मेघु दास को टीएमसी के गुंडे सिर्फ इसलिए मार देना चाहते थे, क्योंकि उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर भाजपा को वोट दिया। यह सिर्फ एक मेघु दास की कहानी नहीं है, बल्कि बंगाल के उन तमाम लोगों की है, जिन्होंने चुनाव में भाजपा का समर्थन किया या उन्हें वोट दिया। 40 साल के मेघु अब असम के धुबरी में शरणार्थी कैंप में रह रहे हैं। मेघु बंगाल के कूच बिहार के तुफानगंज विधानसभा के रहने वाले हैं। यहां चुनाव नतीजों के बाद हिंसा की तमाम घटनाएं सामने आई हैं।
मेघु दास ने बताया कि मंगलवार को कुछ लोग उनकी तलाश में आए। वे लोग उन्हें मारना चाहते थे, क्योंकि उन्होंने भाजपा को वोट दिया था। इसलिए अब वे लोग बदला लेना चाहते हैं। मैं किसी तरह से अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब हुआ और असम में आ गया। मैं धुबरी में मेरे जैसे 250 लोगों के साथ हूं। मै काफी डरा हुआ हूं। मुझे नहीं पता कि मैं अपनी मां का अंतिम संस्कार कैसे करूंगा। मेरी मां की मौत कोरोना से हो गई।
भाजपा ने टीएमसी को हिंसा के लिए ठहाराया जिम्मेदार
भाजपा समर्थकों और नेताओं का दावा है कि उन पर टीएमसी के समर्थकों ने हमला किया है। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। महिलाओं के साथ रेप किया गया। इतना ही नहीं चुनाव नतीजों के बाद उनके घरों को आग लगा दी गई।
पुलिस कुछ नहीं कर रही
भाजपा का आरोप है कि टीएमसी के लोग सीधे तौर पर भाजपा समर्थकों पर हमला कर रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस भी कुछ नहीं कर रही है। टीएमसी की जीत के बाद बुधवार को ममता बनर्जी ने तीसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने का वादा किया। लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा पर ही सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया, खासकर उन क्षेत्रों में जहां उनकी पार्टी ने जीत हासिल की है।
जान बचाकर असम पहुंचे भाजपा समर्थक
इससे पहले असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने ट्वीट कर कहा है कि बंगाल में हिंसा के बाद करीब 300-400 कार्यकर्ता असम के धुबरी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, असम उन्हें खाना और शरण दे रहा है। उन्होंने ममता से इस हिंसा को बंद करने की अपील की।
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