Sharmishta Panoli को हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत, बोलने की आजादी पर कहीं ये बात

Published : Jun 03, 2025, 02:47 PM IST
Sharmistha Panoli

सार

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को कलकत्ता हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली। कोर्ट ने कहा, अभिव्यक्ति की आज़ादी का मतलब धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है।

Sharmishta Panoli: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पनोली को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता यह मतलब नहीं कि किसी को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अनुमति मिल जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि पनोली ने जो बातें कहीं हैं उससे आबादी के एक वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंची है। दरअसल, 22 साल की पनोली ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर लोगों की धार्मिक पहचान को निशाना बनाया था। विवाद बढ़ने पर उन्होंने माफी मांगी और वीडियो हटा दिया।

हाईकोर्ट ने कहा, "हमारे देश के लोगों के एक वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। हमारे पास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों की भावनाओं को आहत करें। हमारा देश विविधता से भरा है।"

सोशल मीडिया पर शर्मिष्ठा पनोली के हैं दो लाख फॉलोअर्स

पनोली पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल की छात्रा है। सोशल मीडिया पर उसके दो लाख फॉलोअर्स हैं। विवादित बातें करने के चलते उसके खिलाफ कई केस दर्ज हुए हैं। बंगाल पुलिस ने उसे 30 मई को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। कोलकाता के एक कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पनोली के वकील ने तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी इस आधार पर अवैध थी कि FIR में बताए गए अपराध गैर-संज्ञेय थे। उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था। इसपर पुलिस ने जवाब दिया कि एक नोटिस जारी किया गया था। पनोली और उनका परिवार गुड़गांव भाग गया था। इसके चलते उन्हें यह नोटिस नहीं दिया जा सका था।

कोलकाता में दर्ज प्राथमिक मामले को माना जाएगा मुख्य केस

हाईकोर्ट ने पनोली की जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि कोलकाता में दर्ज प्राथमिक मामले को ही मुख्य मामला माना जाएगा। यह पहले दर्ज किया गया था। उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में सभी कार्यवाही बंद कर दी जाएगी। पश्चिम बंगाल को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उनके खिलाफ समान आरोपों पर कोई और एफआईआर दर्ज न हो और जांच एजेंसी पनोली के खिलाफ मुख्य मामले में अपनी जांच जारी रखेगी।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

2 बच्चों संग रेलवे ट्रैक पर कटी महिला, सुसाइड नोट-पड़ोसियों के बयान सुन पुलिस के हाथ-पांव फूले
Amit Shah vs Rahul Gandhi : सुनो न सुनो... ऐसा क्या बोले राहुल गांधी जो खड़े हो गए अमित शाह