
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में इस सप्ताह की शुरुआत में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान घायल योद्धा डॉग जूम(canine warrior Zoom) गुरुवार(13 अक्टूबर) को नहीं रहा। आतंकवादियों के साथ बहादुरी से लड़कर शहीद हुए 'जूम' को सेना ने शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी।
श्रीनगर स्थित पीआरओ डिफेंस कर्नल इमरोन मुसावी ने कहा कि यहां बादामी बाग छावनी के चिनार युद्ध स्मारक(Chinar War Memorial, Badami Bagh Cantonment) में एक समारोह में चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एडीएस औजला और सभी रैंकों ने वीर जूम को श्रद्धांजलि दी।
2 आतंकवादियों का किया था पता
कर्नल इमरोन मुसावी ने बताया कि अनंतनाग के तांगपाव में 10 अक्टूबर को सर्च ऑपरेशन के दौरान जूम ने न केवल आतंकवादियों के सटीक स्थान की पहचान की थी, बल्कि एक आतंकवादी पर अटैक करके उसके इरादों पर पानी भी फेर दिया था। हालांकि इस लड़ाई में निडर जूम पर आतंकवादियों ने दो गोलियां दाग दी थीं। घायल होने के बावजूद ज़ूम ने दूसरे छिपे हुए आतंकवादी का पता लगाया और टार्गेट एरिया से लौट भी आया। लेकिन अधिक खून बहने से वो बेहोश हो गया। पीआरओ ने कहा कि जूम की बदौलत सेना दोनों आतंकवादियों को मारने में सफल रही।
श्रीनगर के आर्मी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
घायल होने बाद में जूम को तुरंत श्रीनगर के सेना के पशु चिकित्सा अस्पताल(Army Veterinary Hospital in Srinagar) में ले जाया गया। लेकिन गुरुवार सुबह 11:50 बजे अंतिम सांस ली। आर्मी कैनाइन चिनार वारियर्स का एक अमूल्य सदस्य था। कर्नल मुसावी ने कहा कि दो साल की अपनी छोटी उम्र के बावजूद ज़ूम कई आतंकवाद विरोधी अभियानों(multiple counter-terror operations) का हिस्सा रहा। वो एक अनुभवी था, जहां उसने अपनी एनर्जी और साहस से खुद को प्रतिष्ठित किया था। उन्होंने कहा कि जूम के रूप में चिनार कॉर्प्स ने एक बहादुर टीम सदस्य खो दिया है, जो सभी रैंकों को विनम्रता, समर्पण और साहस के साथ अपना काम करने के लिए प्रेरित करेगा।
आर्मी ने उसके घायल होने की जानकारी खुद शेयर की थी
इंडियन आर्मी के चिनार कॉर्प्स ने सेना के असॉल्ट डॉग जूम के घायल होने की जानकारी मीडिया से खुद शेयर की थी। चिनार कॉर्प्स ने एक वीडियो शेयर करके जूम को दी गई ट्रेनिंग के बारे में दिखाया था। आर्मी का हिस्सा होने के कारण डॉग गार्ड ड्यूटी, पेट्रोलिंग, विस्फोटकों को सूंघना, ड्रग्स की पहचान करना आदि सभी ड्यूटी में शामिल होता है। जूम का ऑपरेशन किया गया था, क्योंकि उसके चेहरे और पिछले दाहिने पैर में बंदूक की गोली के घाव थे।
जूम यानी एक मेलानोइस या बेल्जियम शेफर्ड का जन्म सितंबर 2020 में हुआ था और वह 8 महीने की सेवा के साथ सेना की 28 आर्मी डॉग यूनिट (ADU) में शामिल हो गया था।
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