
नई दिल्ली. मनोहर लाल खट्टर का काफिला रोकने और उस पर लाठी चलाने के आरोप में 13 किसानों के खिलाफ हत्या और दंगा करने का केस दर्ज किया गया है। विपक्ष ने इस कदम की आलोचना की। कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि यह सरकार की हताशा दिखाता है।
मनोहर लाल खट्टर को दिखाया था काला झंडा
मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह ने मनोहर लाल खट्टर को काले झंडे दिखाए थे। उनका काफिला अंबाला शहर से गुजर रहा था। सीएम खट्टर आगामी नागरिक निकाय चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करने के लिए शहर में थे। अग्रसेन चौक को पार करते समय किसानों ने मुख्यमंत्री के काफिले को देखकर काले झंडे लहराए थे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
किसानों के खिलाफ अंबाला में ही मामला दर्ज किया गया है
"किसानों ने गाड़ियों पर लाठियां चलाईं"
पुलिस ने कहा कि कुछ किसानों ने काफिले की कुछ देर के लिए रोक लिया था। उनमें से कुछ ने गाड़ियों पर लाठियां बरसाईं।
हरियाणा कांग्रेस प्रमुख कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करके सारी हदें पार कर दी हैं। किसानों के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करना सरकार की हताशा को दर्शाता है। लोकतंत्र में सभी को बोलने और विरोध प्रदर्शन का अधिकार है लेकिन जब लोगों की आवाज को दबा दिया जाता है, तो वे अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हो जाते हैं।
उन्होंने कहा, भाजपा सरकार द्वारा किसानों की आवाज को लगातार दबाया जा रहा है। लोगों ने इस सरकार पर भरोसा खो दिया है। यही कारण है कि किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को काले झंडे दिखाए।
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