
Cash for Query: सीबीआई ने कैश फॉर क्वेरी केस में जांच शुरू कर दी है। टीएमसी की बर्खास्त सांसद महुआ मोइत्रा पर बिजनेसमैन से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई को समन किया है। देहाद्राई द्वारा तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में तलब किया है। देहाद्राई को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता खत्म हो चुकी
महुआ मोइत्रा के खिलाफ सवाल के बदले धन लेने का आरोप सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने लगाया था। महुआ पर लगाए गए आरोपों के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कैश फॉर क्वेरी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने इस मामले को लोकसभा की एथिक्स कमेटी को सौंप दी। एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के बाद लोकसभा से महुआ मोइत्रा को निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि, पैनल के अधिकतर सदस्यों में इस निर्णय पर मतभेद उभरकर सामने आया था। पैनल के विपक्षी सदस्यों ने एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष पर बिना चर्चा किए ही रिपोर्ट गलत तरीके से पास किए जाने का आरोप लगाया था।
यह था महुआ मोइत्रा पर आरोप
टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पर संसद में सरकार की आलोचना करने और पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से रुपये लेकर सवाल पूछने का आरोप था। आरोप लगा कि महुआ मोइत्रा ने दो करोड़ रुपये और लग्जरी गिफ्ट्स लेकर संसद में सवाल पूछे। यहां तक की अपनी संसद की ईमेल आईडी का पासवर्ड भी शेयर किया ताकि सवालों को अपलोड किया जा सके। एक एफिडेविट में हीरानंदानी ने आरोप लगाया था कि तृणमूल सांसद ने एक सांसद के रूप में उनकी ईमेल आईडी साझा की थी ताकि वह उन्हें जानकारी भेज सकें और वह संसद में सवाल उठा सकें। मोइत्रा ने संसदीय लॉगिन साझा करने की बात स्वीकार की थी।
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