डबल खुशखबरी: Praveen Sinha Interpol में एशियाई प्रतिनिधि चुने गए तो UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी में भी इंडिया

Published : Nov 25, 2021, 08:34 PM IST
डबल खुशखबरी: Praveen Sinha Interpol में एशियाई प्रतिनिधि चुने गए तो UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी में भी इंडिया

सार

89वीं इंटरपोल महासभा (89th Interpol Assembly) के दौरान टॉप पैनल के विभिन्न पदों के लिए हुए यह चुनाव इस्तांबुल (Istambul) में हुआ। सूत्र ने बताया कि यह एक कठिन चुनाव था जिसमें भारत चीन, सिंगापुर, कोरिया गणराज्य और जॉर्डन के चार अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ दो पदों के लिए चुनाव लड़ रहा था।

नई दिल्ली। भारत के लिए आज दो-दो खुशखबरी आई है। यूनेस्को (UNESCO) की वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी (World Heritage Committee) में भारत को 2025 तक के लिए जगह मिल गई है तो दूसरी ओर इंटरपोल (Interpol) की कार्यकारी समिति (executive committee) में एशियाई (Asian) के प्रतिनिधि के रूप में यहां के सीबीआई (CBI) के स्पेशल डॉयरेक्टर (SPecial Director) प्रवीण सिन्हा (Praveen Sinha) को चुन लिया गया है। भारत की इन दोनों उपलब्धियों पर विदेश मंत्री एस जयंशंकर ने खुशी जाहिर की है।

इस्तांबुल में हुए इंटरपोल महासभा में चुनाव

सीबीआई के विशेष निदेशक प्रवीण सिन्हा को गुरुवार को इंटरपोल की कार्यकारी समिति में एशिया के एक प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। 89वीं इंटरपोल महासभा (89th Interpol Assembly) के दौरान टॉप पैनल के विभिन्न पदों के लिए हुए यह चुनाव इस्तांबुल (Istambul) में हुआ। एक सूत्र ने बताया कि यह एक कठिन चुनाव था जिसमें भारत चीन, सिंगापुर, कोरिया गणराज्य और जॉर्डन के चार अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ दो पदों के लिए चुनाव लड़ रहा था।

 

क्या है इंटरपोल? 

इंटरपोल एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन है। इंटरपोल में लगभग 190 देशों के पुलिस बलों को शामिल किया गया है। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय अपराधों और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण संगठन है। इंटरपोल देश के बाहर संगठित अपराधों, आतंकवाद और साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए एक प्रमुख निकाय है।

चुनाव जीताने के लिए रणनीतिक स्तर पर हुआ काम

यह एक कठिन चुनाव था जिसमें भारत चीन, सिंगापुर, कोरिया गणराज्य और जॉर्डन के चार अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ दो पदों के लिए चुनाव लड़ रहा था। इस चुनाव को जीतने के लिए विभिन्न स्तरों पर द्विपक्षीय संबंधों के दौरान मित्र देशों का महत्वपूर्ण समर्थन मांगा गया था और दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों ने नियमित रूप से अपनी मेजबान सरकारों के साथ इस मामले का पालन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में राजदूतों और उच्चायुक्तों से भी इसी तरह संपर्क किया गया था। तुर्की में भारतीय राजदूत ने पिछले कुछ दिनों से इस्तांबुल में डेरा डाला और भारतीय उम्मीदवार के लिए समर्थन हासिल करने के अपने प्रयासों में प्रतिनिधिमंडलों के साथ जमीनी स्तर पर द्विपक्षीय बैठकें कीं।

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