प्रदूषण रोकने को केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र की मुहर, अब ऐसे बदलेगी औद्योगिक क्षेत्र की सूरत

Published : Nov 03, 2020, 06:59 AM ISTUpdated : Nov 03, 2020, 07:00 AM IST
प्रदूषण रोकने को केजरीवाल सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र की मुहर, अब ऐसे बदलेगी औद्योगिक क्षेत्र की सूरत

सार

दिल्ली में सर्विस और हाईटेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उद्योग लगाने के लिए अब उत्तर प्रदेश या हरियाणा के शहरों में जाने की जरूरत नहीं है, अब उन्हें दिल्ली में ही काफी सस्ती दर पर ज्यादा जगह मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में बदलाव को लेकर हमने तीन साल पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, केंद्र सरकार ने उस पर मुहर लगा दी है

नई दिल्ली. दिल्ली में सर्विस और हाईटेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उद्योग लगाने के लिए अब उत्तर प्रदेश या हरियाणा के शहरों में जाने की जरूरत नहीं है, अब उन्हें दिल्ली में ही काफी सस्ती दर पर ज्यादा जगह मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में बदलाव को लेकर हमने तीन साल पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, केंद्र सरकार ने उस पर मुहर लगा दी है और अब आने वाले समय में औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत बदल जाएगी। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि यह निर्णय दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बहुत ही अहम कदम साबित होगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में अभी तक निर्माण उद्योग लगाने की अनुमति थी, लेकिन अब नए औद्योगिक क्षेत्रों में केवल हाईटेक और सर्विस उद्योग लगाने की अनुमति होगी। अभी तक सर्विस उद्योग मास्टर प्लान में आफिस की श्रेणी में आते थे और केवल कमर्शियल एरिया में खुल सकते थे, जो काफी महंगे होते थे। इसलिए यह उद्योग नोएडा, फरीदाबाद या गुरुग्राम चले जा रहे थे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को अपने मौजूदा उद्योग को बंद करके हाईटेक या सर्विस इंडस्ट्री लगाने के लिए मौका दिया जाएगा। 

केंद्र सरकार ने लगाई मुहर 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के सभी औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक बहुत ही ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार ने कुछ साल पहले यह प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार के पास भेजा था। केंद्र सरकार ने अभी एक-दो दिन पहले इसको लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके बाद दिल्ली के जितने भी औद्योगिक क्षेत्र हैं, उन सब की पूरी तरह से सूरत बदल जाएगी। अभी तक दिल्ली के अंदर औद्योगिक क्षेत्रों में मोटे-मोटे तौर पर निर्माण गतिविधियों की अनुमति होती थी। दिल्ली में बहुत सारे निर्माण उद्योग लगे हुए हैं। इसमें सरिया, स्टील, प्लास्टिक बनाने संबंधी किस्म-किस्म के निर्माण उद्योग हैं, जो बहुत ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। आप किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में चले जाएं, वहां पर आपको बुरे हालत देखने को मिलते हैं। वहीं, अब यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली के अंदर अब कोई भी नया औद्योगिक क्षेत्र बनेगा, तो वहां पर केवल हाईटेक और सर्विस उद्योग लगाने को अनुमति दी जाएगी। 

नए औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे इस तरह के उद्योग 
दिल्ली सरकार ने नए औद्योगिक क्षेत्रों में लगने वाली इंडस्ट्री को सूचीबद्ध किया है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि नए औद्योगिक क्षेत्रों में सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री लग सकती है, इसके बहुत से कार्यालय यहां खुल सकते हैं। इसी तरह, कंप्यूटर हार्डवेयर एंड सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री, इंडस्ट्री इंटीग्रेटिंग एंड मैनुपुलेटिंग द इंटरफेस आफ कंप्युटर एंड टेलिकॉम फैसिलिटीज, आईटी सर्विस इंडस्ट्री, इंटरनेट एंड ई-मेल सर्विस प्रोवाइडर, आईटीईएस इंडस्ट्री, कस्टमर इंटरेक्शन सर्विसेज, काल सेंटर, ई-मेल हेल्पडेस्क, बैक आफिस प्रोसेसिंग, फाइनेंस एंड अकाउंटिंग, इंश्योरेंस क्लेम, एचआर सर्विसेज, बिजनेस प्रोसेस आउट सोर्सिंग, नॉलेज इंडस्ट्री, सॉफ्टवेयर एक्सटेंशन, मीडिया इंडस्ट्री, टीवी एंड वीडियो प्रोग्राम प्रोडक्शन, फोटो कंपोजिंग एंड डेस्कटॉप पब्लिकेशन, पब्लिशिंग सर्विसेज, ऑडियो विजुअल सर्विसेज और सभी प्रकार की आर एंड डी के कार्यालय खुल सकते हैं। साथ ही, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, ऐड एजेंसी, मार्केट रिसर्च एंड पब्लिक ओपनियन सर्विसेज, इक्विटी सर्विसेज, प्लेसमेंट सर्विसेज, वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से जुड़े लोग अपने कार्यालय खोल सकते हैं।

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