आयुष कॉलेज खोलने के लिए सरकार ने बढ़ाई वित्तीय सहायता, अब 9 की जगह मिलेंगे 70 करोड़ रुपए

Published : Sep 11, 2021, 07:37 PM IST
आयुष कॉलेज खोलने के लिए सरकार ने बढ़ाई वित्तीय सहायता, अब 9 की जगह मिलेंगे 70 करोड़ रुपए

सार

मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा-  हाल के वर्षों में आयुष क्षेत्र में सभी विषयों के पेशेवरों के लिए करियर के अवसरों में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि हुई है।

नई दिल्ली. केंद्रीय आयुष, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने देश भर में अधिक संख्या में आयुष शिक्षण कॉलेज खोलने के लिए वित्तीय सहायता को नौ करोड़ रुपए से बढ़ाकर 70 करोड़ रुपए कर दिया है। केन्द्रीय मंत्री गुवाहाटी में आयुष मंत्रालय द्वारा  आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सोनोवाल ने कहा कि उत्तर-पूर्व में आयुष की शिक्षा देने वाले कॉलेज अपेक्षाकृत कम हैं।

इसे भी पढ़ें- सीनियर बीजेपी लीडर ने कहा- रुपाणी का इस्तीफा कोई आश्चर्यजनक नहीं, पार्टी कार्यालय पहुंचे मनसुख मांडविया

ऐसे में इस क्षेत्र में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को लोकप्रिय बनाने के लिए ज्यादा संख्या में योग्य चिकित्सकों की जरूरत है। इस तथ्य के मद्देनजर पूर्वोत्तर राज्यों में अधिक संख्या में आयुष शिक्षण कॉलेजों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले राष्ट्रीय आयुष मिशन की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राज्य सरकारों को नए आयुष कॉलेज खोलने के लिए 9 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी।

अब भारत सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर 70 करोड़ रुपए कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब राज्य नए कॉलेजों की स्थापना के लिए भूमि की पहचान कर सकते हैं, मानव संसाधन जुटा सकते हैं और 'एनएएम' के दिशानिर्देशों के अनुसार इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने असम स्थित सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज, जलुकबाड़ी को 10 करोड़ रुपए तक की सहायता से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उन्नत करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने अंडर ग्रेजुएट टीचिंग कॉलेजों को अपग्रेड करने के लिए 5 करोड़ और पोस्ट ग्रेजुएट संस्थानों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 6 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं।

इस मौके पर सोनोवाल ने केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई), गुवाहाटी में स्वास्थ्य क्षेत्र कौशल परिषद - राष्ट्रीय कौशल विकास निगम से संबद्ध पंचकर्म तकनीशियन पाठ्यक्रम शुरू करने की भी घोषणा की। इसके तहत 10 + 2 स्तर के छात्रों के लिए 10 सीटें रखी गई हैं। इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में पंचकर्म चिकित्सा के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करने में मदद मिलेगी।

इसे भी पढ़ें- तीन महीने में BJP ने बदले 4 सीएम, इस्तीफे देने के 3 घंटे पहले पीएम के कार्यक्रम में शामिल हुए थे रुपाणी

सम्मेलन संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में आयुष क्षेत्र में सभी विषयों के पेशेवरों के लिए करियर के अवसरों में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि हुई है।  इसके अलावा, इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, दुनिया भर के समुदायों के बीच आयुष प्रणाली में विश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि आयुष में बड़ी संख्या में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने और इस देश के विकास में योगदान करने की क्षमता है।

आयुष मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों के आयुष मंत्रियों का एक ऐतिहासिक सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया था और इस क्षेत्र में आयुष प्रणाली को लोकप्रिय बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर विचार-विमर्श किया था। आयुष में शिक्षा और करियर के अवसरों पर चर्चा करने वाले विशेषज्ञों के साथ आज का सम्मेलन  इस दिशा अगला कदम था।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Jammu Kashmir: डोडा में खन्नी टॉप के पास खाई में गिरा सेना का वाहन, तस्वीरों में रेस्क्यू ऑपरेशन की PHOTOS
Jammu Kashmir Accident : 200 फीट खाई में जिंदा दफन हो गए हमारे 10 जवान!