
नई दिल्ली. आयकर विभाग ने 11 अगस्त को चीनी नागरिक लुओ सांग को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ में लुओ सांग ने कई बड़े खुलासे किए हैं। लुओ सांग चार्ली पेंग के नाम से दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रह रहा था। वह तिब्बती लामाओं को पैसे देकर उनसे दलाई लामा के बारे में जानकारी हासिल कर रहा था।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने बताया, सांग को जासूसी के आरोप में सितंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में फिलहाल वो जमानत पर है। सूत्रों के मुताबिक, सांग ने मजनू का टीला में रहने वाले लोगों को 2 से 3 लाख रुपए दिए थे। पुलिस अब इन लोगों का पता लगा रही है।
2014 से भारत में है लुओ
जानकारी के मुताबिक, लुओ 2014 में नेपाल के रास्ते भारत आया था। उसने मिजोरम की लड़की से शादी की। इसके बाद उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया। बदले हुए नाम से उसने आधार और पेन कार्ड भी बनवाया। आयकर विभाग के मुताबिक, तिब्बती लामाओं को सांग ने अपने लोगों के जरिए ही पैसा भेजा था। इतना ही नहीं वह चीनी ऐप वी चैट से अपने सहयोगियों से बात करता था।
मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करता था सीए
इतना ही नहीं आयकर विभाग ने दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की भी पहचान कर ली है। वह सांग की पैसे पहुंचाने में मदद करता था। फिलहाल सीए अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। उससे पूछताछ जारी है। वह 40 से ज्यादा बैंक अकाउंट को ऑपरेट करता है। इन खातों के जरिए 300 करोड़ का लेन देन किया गया। इसमें कुछ चीनी कंपनियां भी हैं। लेनदेन हॉन्गकॉन्ग के रास्ते से हुआ।
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